जयपुर 18 फरवरी2026
जयपुर में जलमहल के ऊपर 20 व 22 फरवरी को होगा सूर्यकिरण का भव्य हवाई प्रदर्शन का एयर शो
जयपुर.. भारतीय वायुसेना की एरोबैटिक टीम सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 20 और 22 फरवरी को जयपुर के जलमहल के ऊपर नौ विमानों के भव्य हवाई प्रदर्शन में अपने करतब दिखाएगी।
‘भारतीय वायुसेना के एम्बेसडर्स’ के रूप में पहचान रखने वाली यह टीम लाल-सफेद रंग के BAE Systems Hawk Mk132 जेट विमानों पर उड़ान भरती है। टीम के प्रदर्शन में लूप, बैरल रोल, उलटी उड़ान और दर्शकों की पसंदीदा ‘डीएनए’ संरचना जैसे रोमांचक एरोबैटिक करतब शामिल होते हैं, जो पायलटों की सटीकता और उत्कृष्ट समन्वय का परिचायक हैं।पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन के अनुसार टीम में नौ हॉक Mk-132 विमान शामिल हैं, जिनका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा भारत में लाइसेंस के तहत किया गया है। ये विमान 5 मीटर से भी कम दूरी पर सघन गठन में उड़ान भरते हैं। टीम में कुल 14 पायलट हैं। टीम लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी (सु-30 एमकेआई के अनुभवी पायलट) हैं, जबकि डेप्यूटी लीडर विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह हैं। अन्य पायलटों में विंग कमांडर जसदीप सिंह, स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह, स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह, विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ, स्क्वाड्रन लीडर विष्णु, स्क्वाड्रन लीडर दिवाकर शर्मा, स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल, स्क्वाड्रन लीडर एडवर्ड प्रिंस, स्क्वाड्रन लीडर ललित वर्मा और विंग कमांडर राजेश काजला शामिल हैं। तकनीकी टीम का नेतृत्व विंग कमांडर अभिमन्यु त्यागी, विंग कमांडर संदीप धायल और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मनील शर्मा कर रहे हैं। टीम के कमेंटेटर एवं प्रशासक फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू हैं।
टीम के तीन पायलट जयपुर से हैं विंग कमांडर राजेश काजला, विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह। हाल ही में हॉक Mk-132 विमानों में स्वदेशी रूप से विकसित रंगीन स्मोक पॉड्स का एकीकरण किया गया है। यह संशोधन भारतीय वायुसेना के 11 बेस रिपेयर डिपो, नासिक में विकसित किया गया है, जिससे प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे के रंग केसरिया, सफेद और हरा प्रदर्शित किए जा सकते हैं। यह पहल एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में देश की तकनीकी क्षमता और नवाचार का प्रतीक मानी जा रही है…!!