जयपुर: रिश्वत में ई-फोन लेते पकड़ा गया SE निकला करोड़पति, पॉश कॉलोनी में ऊंचा मकान, सोना-चांदी और करोड़ों के भूखंड

जयपुर 10 जनवरी 2026

जयपुर: रिश्वत में ई-फोन लेते पकड़ा गया SE निकला करोड़पति, पॉश कॉलोनी में ऊंचा मकान, सोना-चांदी और करोड़ों के भूखंड

जयपुर: कोटा झालावाड़ जिले में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधीक्षण अभियंता विष्णु चंद्र गोयल को रिश्वत में आईफोन लेते हुए गिरफ्तार किया था. अधीक्षण अभियंता गोयल शहर के कोटा की शक्ति नगर इलाके में रहते हैं, जहां पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा की टीम ने तलाशी ली है. इसमें खुलासा हुआ है कि पॉश कॉलोनी में उनके चार मंजिला मकान हैं, जिसमें वो परिवार के साथ रहते हैं. उनके घर पर 5.5 लाख रुपए की नकदी मिली है. इसके अलावा जयपुर व जोधपुर में करोड़ों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं. इसके अलावा घर में चांदी और सोने के जेवरात भी मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपए के आसपास है.

लाखों का सोना-चांदी भी बरामद:

कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा के पुलिस उप अधीक्षक अनीस अहमद ने बताया कि गोयल का शक्ति नगर स्थित मकान करीब 1000 स्क्वायर फीट का है, जबकि उनके घर में मिले 5 प्लॉट के दस्तावेज हैं. इनमें एक प्लॉट जोधपुर में है, जबकि शेष 4 प्लॉट जयपुर में स्थित है. इनकी कीमत करोड़ों रुपए है. लगभग सभी प्लॉट 1000 से 1500 स्क्वायर फीट के बीच में हैं. उनके घर पर 7.7 किलोग्राम चांदी मिली है, जिसकी वर्तमान कीमत करीब 18 लाख रुपए है. घर में 65 किलोग्राम जेवराती सोना भी मिला है, जिसकी कीमत 7 लाख से ज्यादा है.

करोड़ों की संपत्ति का खुलासा:

उन्होंने बताया कि अधीक्षण अभियंता ने ठेकेदार के लाखों रुपए के बकाया चल रहे बिल पास करने की एवज में आई फोन मांगा था. उनको रंगे हाथों पकड़ने के बाद कोटा में उनके निवास पर भ्रष्टाचार ब्यूरो कोटा की टीम ने खाना तलाशी शुरू की थी. यह तलाशी शुक्रवार दोपहर को शुरू हुई थी. इसके बाद देर रात तक एसीबी की टीम उनके घर पर एक-एक चीज की तलाश करती रही और रिकॉर्ड में लेती रही. देर रात को पूरी सूची एसीबी ने बना ली. इसमें करोड़ों रुपए की संपत्ति उनके पास होने का खुलासा हुआ है.

बड़े कॉलेज में पढ़ रहे हैं बच्चे:

रिश्वत लेते पकड़े गए अधीक्षण अभियंता गोयल मूल रूप से करौली जिले का निवासी है. विष्णु चंद्र गोयल की उम्र करीब 50 साल है. हालांकि, गोयल की लगभग पूरी नौकरी कोटा संभाग में हुई है. करीब 20 साल से संभाग में ही अलग-अलग पदों पर कार्यरत है और वर्तमान में झालावाड़ में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत रहते हुए ट्रैप हुए. उनकी बेटी और बेटा दोनों बेंगलुरु से पढ़ाई कर रहे हैं. बेटा निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ रहा है और बेटी भी बड़े कॉलेज से एमबीबीएस कर रही है. ऐसे में जांच में यह भी देखा जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई में कितनी फीस दी जा रही है…!!

जयपुर से हेमंत दुबे की रिपोर्ट

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