जयपुर 31 मार्च 2026
ऐतिहासिक कीर्तिमान,राजस्थान के निदेशालय गोपालन ने रचा विश्व रिकॉर्ड,एक साथ 10,000 गायों के सामूहिक पूजन पर मिला ‘मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ का सम्मान

जयपुर..राजस्थान सरकार के निदेशालय गोपालन ने गौ-संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गोपालन निदेशालय द्वारा भरतपुर के जडखोर गौशाला में आयोजित विशाल ‘गौ माता पूजन’ कार्यक्रम को ‘मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (लंदन, यू.के.) द्वारा विश्व रिकॉर्ड के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रमुख शासन सचिव, गोपालन विभाग, विकास सीताराम भाले (आईएएस) ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह कीर्तिमान राजस्थान की ‘गौ-सेवा’ की समृद्ध परंपरा और हमारी आध्यात्मिक निष्ठा का वैश्विक प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर 2025 को जडखोर, भरतपुर में एक साथ 10,000 से अधिक गायों का पूजन किया गया, जिसे मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा गहन समीक्षा और सत्यापन के बाद ‘न्यू वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के रूप में स्वीकार किया गया है।
विकास सीताराम भाले ने बताया कि यह रिकॉर्ड केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह गौ-संरक्षण (Cow Protection), सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) और सामूहिक भागीदारी (Collective Participation) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। सर्टिफिकेट में विशेष रूप से भारत की गहरी जड़ों से जुड़ी मान्यताओं (Deep & rooted values) और परंपराओं के प्रति निदेशालय के समर्पण की सराहना की गई है।
एक ही स्थान और समय पर 10,000 से अधिक गायों का विधि-विधान से सामूहिक पूजन के इस कार्यक्रम में ओझा (निदेशक गोपालन) स्वयं मौजूद रहे एवं पूजा अर्चना कर गौ-माता का आशीर्वाद प्राप्त किया…!!
निदेशक श्री ओझा ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से गौ-संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। यह आयोजन गौ-वंश के संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना जागृत करने और भारतीय संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बना है।
निदेशालय का संकल्प
प्रमुख शासन सचिव महोदय ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री जी एवं विभाग के मंत्रियो के कुशल नेतृत्व और विभाग के समस्त अधिकारियों व गौ-भक्तों की मेहनत को दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान राजस्थान सरकार द्वारा गौ-शालाओं के सुदृढीकरण और गौ-वंश कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों को नई ऊर्जा प्रदान करने के साथ ही गौ-माता की सेवा के प्रति कृत-संकल्प है एवं भारतीय संस्कृति का संरक्षण उनका प्रमुख ध्येय है।
मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के एमडी धर्मेंद्र पाठक और सीईओ कृष्ण कुमार उपाध्याय द्वारा हस्ताक्षरित यह अवार्ड अब राजस्थान की प्रशासनिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक अनमोल रत्न के रूप में जुड़ गया है…!!
जयपुर से हेमंत दुबे