चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
श्रीमद् भागवत कथा से समाज को मिलती है नई दिशा: डॉ. चरणदास महंत
तुमान में आयोजित कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल
धर्म और संस्कृति से समाज में बढ़ता है सद्भाव और सकारात्मकता
तुमान//रामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तुमान में स्थित श्री वैष्णव निकुंज निवास में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन इन दिनों पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत विशेष रूप से कथा स्थल पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की कथा का श्रवण कर आयोजन समिति को अपनी शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आसपास के कई गांवों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी और हर कोई श्रद्धा भाव से कथा श्रवण करने के लिए उत्साहित दिखाई दिया।
कथा स्थल को भव्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों, धार्मिक ध्वजों और सुंदर सजावट से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रहा था। भक्ति गीतों की मधुर धुनों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग और भक्ति भावना के साथ कथा का श्रवण करते रहे।
श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रख्यात कथावाचक पंडित श्री बलराम प्रसाद पाण्डेय द्वारा किया जा रहा है। अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक साधना है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें धर्म, सत्य, करुणा, प्रेम और सेवा का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है। भागवत कथा मनुष्य के मन को शुद्ध करती है और उसे आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करती है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में धर्म, अध्यात्म और परंपराओं का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है, क्योंकि यह समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और लोगों के बीच प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को बढ़ाने का कार्य करते हैं।
रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशेष महत्व होता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और हमारी संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को भी धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलती है, जिससे समाज में अच्छे संस्कारों का विकास होता है।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक श्री बलराम वैष्णव एवं श्री संजू वैष्णव (तुमान) हैं। उनके नेतृत्व में आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा स्थल पर उत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाईं, प्रमोद राठौर, प्रवीण ओगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया और आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। यह पूरा आयोजन भक्ति, आस्था और आध्यात्म का अद्भुत संगम बनकर पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश देने वाला सिद्ध हो रहा है।