चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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धान से मक्का की ओर बढ़ते कदम: करतला में खेती की बदली तस्वीर, किसानों को मिल रहा बेहतर मुनाफा
कोरबा//करतला: कभी ग्रीष्मकालीन धान की खेती के लिए पहचाने जाने वाले करतला विकासखंड में अब खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पानी की बढ़ती जरूरत और लागत के चलते किसान अब पारंपरिक धान की बजाय वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बदलाव की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है मक्का उत्पादन, जिसने किसानों की आय में नई उम्मीद जगाई है।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन में पूरे करतला विकासखंड में लगभग 75 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती सफलतापूर्वक की जा रही है। इसके साथ ही उड़द और मूंगफली जैसी फसलों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे खेती का स्वरूप अब अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।
ग्राम पंचायत करतला में किसानों ने इस बदलाव को खुले दिल से अपनाया है। किसान भागवत प्रसाद राठिया, देवेंद्र राठिया और दुलार सिंह राठिया जैसे प्रगतिशील किसानों ने 2-2 हेक्टेयर में मक्का की खेती कर यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है।
किसानों के अनुसार, मक्का फसल में लागत कम और मुनाफा अधिक है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है। साथ ही, कम पानी में अच्छी पैदावार ने इसे धान का बेहतर विकल्प बना दिया है।
कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी सलाह, उन्नत बीज और आधुनिक खेती की जानकारी देकर किसानों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उपसंचालक कृषि कोरबा श्री डी.पी.एस. कंवर के नेतृत्व में यह पहल क्षेत्र में कृषि के नए आयाम स्थापित कर रही है।
इस दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अजय प्रकाश कंवर, कृषि विकास अधिकारी बी.आर. राठिया एवं एल.पी. रविंद्र सहित अन्य अधिकारी भी किसानों को मार्गदर्शन देते नजर आए।
कृषि विभाग की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि क्षेत्र में आधुनिक और टिकाऊ खेती की दिशा में एक बड़ा बदलाव भी ला रही है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है