जयपुर 3 जनवरी 2026
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम RGHS के लिए भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला
राजस्थान में RGHS का दायरा बढ़ा 1700 से ज्यादा हॉस्पिटल सूचीबद्ध, राज्य के बाहर भी मिलेगा कैशलेस इलाज
विस्तार के तहत राजस्थान से बाहर स्थित 40 अस्पतालों को भी आरजीएचएस नेटवर्क में किया गया है शामिल
मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, राज्य सरकार के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा राज्य की स्वायत्त संस्थाओं में कार्यरत कार्मिक उठा सकते हैं योजना का लाभ
जयपुर: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत अब राज्यभर में 1,720 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिससे लाखों लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस विस्तार के तहत राजस्थान से बाहर स्थित 40 अस्पतालों को भी आरजीएचएस नेटवर्क में शामिल किया गया है। इससे उन लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें गंभीर या विशेष इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।
किन्हें मिलेगा RGHS का लाभ:
आरजीएचएस योजना का लाभ मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, राज्य सरकार के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा राज्य की स्वायत्त संस्थाओं में कार्यरत कार्मिक उठा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की पैकेज दरों पर कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा लाभार्थियों की श्रेणी के अनुसार निर्धारित चिकित्सा नियमों के तहत दी जा रही है।
लाखों लोग पंजीकृत:
वर्तमान में आरजीएचएस योजना के अंतर्गत करीब 37.6 लाख पंजीकृत पारिवारिक सदस्य शामिल हैं। योजना के तहत व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिनमें इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD), डे-केयर प्रक्रियाएं, आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) परामर्श, विभिन्न प्रकार की जांचें और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा सकें।
निगरानी व्यवस्था भी लागू:
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है। अप्रैल 2025 से अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले 159 निजी अस्पतालों को आरजीएचएस से निलंबित कर उनके आईडी ब्लॉक किए गए हैं। इसके अलावा पांच अस्पतालों को पूरी तरह से योजना से बाहर कर दिया गया है। जांच और सुनवाई के बाद इन अस्पतालों पर कुल 26.1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 25 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। फिलहाल, 65 निजी अस्पताल निलंबित हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है…!!
जयपुर से हेमंत दुबे की रिपोर्ट