बिमलागढ़-महुलडीह रेलवे लाइन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है:

2 वर्षों में केवल 13 किलोमीटर काम पूरा एंकर; ओडिसा प्रदेश की सुंदरगढ़ जिले के बिमलागढ़ में तालचर-बिमलागढ़ रेलवे लाइन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। सुन्दरगढ़ ज़िल्ले में चल रहे बिमलागढ़-माहुलडीह 32 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन का निर्माण कार्य मेसर्स एआरएस को सौंपे जाने के बाद से काफी समय से 19 किलोमीटर रेलवे लाइन का काम रुका हुआ है। इसके चलते जिले में तालचर-बिमलागढ़ रेलवे लाइन का निर्माण अधर में लटका हुआ है। गौरतलब है कि इलाके के लोग पिछले 61 वर्षों से तालचर-बिमलागढ़ रेलवे लाइन के निर्माण की मांग कर रहे हैं। 2021 में तालचर-बिमलागढ़ रेलवे लाइन के निर्माण से संबंधित जनहित याचिका संख्या 7274 के तहत उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। इसके बाद सुंदरगढ़, अनगुल और देवगढ़ के जिला मजिस्ट्रेटों ने भूमि अधिग्रहण के संबंध में उच्च न्यायालय में हलफनामे दाखिल कर रेलवे निर्माण के लिए अपने-अपने जिलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने पर सहमति जताई थी। रेलवे विभाग ने युद्धकालीन तरीके में भी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का वादा निर्माण कार्य करने को सहमति दीया था। 150 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन के निर्माण के लिए 2153.53 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया था। अनगुल जिले के 67 गांवों, देवगड जिले के 19 गांवों और सुंदरगट जिले के 29 गांवों से भूमि अधिग्रहण करने का निर्णय हुआ था। लेकिन देवगढ़ जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है, वहीं सुंदरगट जिले में भी 32 किलोमीटर रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से पूरी नहीं हुई है। राउरकेला स्थित सचेतन नागरिक मंच का आरोप है कि इसके लिए कुछ स्थानीय भूमि दलाल जिम्मेदार हैं और जिला प्रशासन कोई आवश्यक कदम नहीं उठा रहा है। जमीन मालिक या तो अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं और उसके बदले पैसे भी नहीं ले रहे हैं। कुछ लोगों ने अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर लिया है और उसे अपने कब्जे में रखा है, लेकिन फिर भी जिल्ला प्रशासन भूमि का अधिग्रहण नहीं कर रहा है। इस संबंध में सुंदरगढ़ एसपी के समक्ष कई मामले भी दर्ज कराए हैं। इस प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही सचेतन नागरिक मंच ने गुरुवार को सुंदरगढ़ जिला कलेक्टर को एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो तालचर-बिमलागत रेलवे लाइन अगले पांच वर्षों में भी पूरी नहीं हो पाएगी। यह भी कहा गया है कि जिला प्रशासन ने रेलवे विभाग के लिए भूमि अधिग्रहण में पूरा सहयोग दिया है और आवश्यक कदम उठाए ताकि रेलवे लाइन का निर्माण समय पर पूरा हो सके और यदि ऐसा नहीं हुआ तो जिले में असंतोष का बताबारण और बढ़ जाएगा। राउरकेला से आर9 भारत की रिपोर्ट