राउरकेला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ओड़िशा प्रदेश की राउरकेला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश किया। राउरकेला पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की गई कि रघुनाथपल्ली, प्लांट साइट, ब्राह्मणी तरंग और सेक्टर-7 पुलिस स्टेशनों के संयुक्त अभियान में राउरकेला अराक्षी इंस्पेक्टर नितेश वधवानी और अतिरिक्त अराक्षी इंस्पेक्टर श्रावणी नायक के मार्गदर्शन में यह सफलता हासिल की गई। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके आम लोगों के नाम पर बैंक खाते खोले और उन्हें 5000 से 10000 रुपये में साइबर अपराधियों को दे दिया। बताया जा रहा है कि सिटी यूनियन बैंक का एक कर्मचारी भी इसमें शामिल था। जांच में पता चला है कि उसने केवाईसी नियमों का उल्लंघन किया था। समनवया पोर्टल पर 200 से अधिक मामले इस खाते से जुड़े हुए हैं। साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में पुलिस ने आरोपी पलाश घोष, आर्यन महानंदिया, वकार खान, विक्रम सिंह, अयान हुसैन, आकाश शर्मा और बिपिन कुमार स्वैन को गिरफ्तार किया है। राउरकेला पुलिस ने बताया कि इसके साथ ही 80 पासबुक, 50 डेबिट कार्ड, 15 चेकबुक, 30 पहचान पत्र, 4 लैपटॉप और 25 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आगे बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। राउरकेला से आर9 भारत ब्यूरो की रिपोर्ट