आवारा सांडों की लड़ाई में लोगों की आई सामत, सीढ़ियों से छत पर पहुंच कमरे में घुसा सांड

भरतपुर 3 अगस्त

आवारा सांडों की लड़ाई में लोगों की आई सामत, सीढ़ियों से छत पर पहुंच कमरे में घुसा सांड

सीढ़ियों से पहली मंजिल पर बने कमरे में घुसे सांड को घंटों की बड़ी मशक्कत के बाद रस्सा बांधकर नीचे उतारा गया

बिगत कई वर्षो से नगर पालिका प्रशासन नहीं कर पा रहा कोई पुख्ता इंतजाम ,हमलों में आठ दिन में तीन लोग घायल

 

भरतपुर जिले के कस्बा नदबई में शुक्रवार रात लोगों को भय व कौतूहल दोनों का सामना जब एक साथ करना पड़ गया जब दो सांडों की लड़ाई से लोगों की जान आफत में आ गई।

लड़ाई में एक सांड भागता हुआ सीढ़ियों से घर की छत पर बने कमरे में पहुंच गया और कमरे में जाकर खड़ा हो गया।

घटना की सूचना पर नपा के सफाई निरीक्षक अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से सांड का रेस्क्यू कर सकुशल उतारा

नगर पालिका की अनदेखी से आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 8 दिनों में आवारा सांड के हमले से 3 लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं। लेकिन फिर भी नगर पालिका प्रशासन अपनी नींद से नहीं जाग रहा हैं

जानकारी के अनुसार नदबई कस्बे के वार्ड नंबर 6 की सुनार गली में शुक्रवार रात करीब 7:45 बजे 2 आवारा सांडों के बीच भयंकर लड़ाई हो गई। दो सांडों में से एक सांड भागता हुआ हरिओम पुत्र हेमंत सोनी के घर के अंदर बनी सीढ़ियों से छत पर बने कमरे में जा घुसा। घर के सदस्यों ने बताया है कि उन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि, उनके घर की छत के कमरे में आवारा सांड आ गया है। सांड घर की छत पर उत्पात मचाने लगा, तो घर वालों को पता लगा।

इसके बाद पूरे परिवार में खलबली मच गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कमरे से सांड को निकालने का खूब प्रयास किया। लेकिन सांड जिस जगह पर खड़ा था, वहां से नहीं हिला। परिवार के लोगों का कहना है कि जब सांड कमरे में आया, तो उसे वक्त कमरे में कोई नहीं था। अगर उस वक्त कमरे में कोई होता तो सांड हमला कर घायल कर देता।

सूचना मिलते ही नगर पालिका के सफाई निरीक्षक बलवंत सिंह टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और आस पास के लोगों के सहयोग से छत के कमरे में खड़े सांड का रेस्क्यू कर सकुशल उतारा गया। जिसके बाद लोगों ने चैन की सांस ली।

8 दिन में 3 लोग हो चुके हैं घायल नदबई में पिछले 8 दिनों में आवारा सांडों के हमले से 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। आवारा सांड के हमले से किसी का हाथ टूट गया, तो किसी के कमर और कंधों में गंभीर चोट आई हैं। सांडों का आतंक यमराज से कम नहीं है। यहां आए दिन बाजारों में ये सांड़ आपस में भिड़ते हुए नजर आते हैं।

अब तक कई लोग शहर में सांडों के आतंक का शिकार भी हो चुके हैं। पालिका प्रशासन को सारी घटनाओं का पता होते हुए भी प्रशासन आंखों पर पट्टी बांध कर बैठा हुआ है।

जिला कलेक्टर ने 29 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों की बैठक ली थी। जिसमें जिला कलक्टर द्वारा नगर निगम एवं नगरपालिका क्षेत्रों में आवारा पशुओं को पकडने के लिये निरन्तर अभियान जारी रखने व सडकों पर पशुओं को बांधने वाले पशुपालकों को नोटिस देने के लिए दिये गए निर्देश भी हुए हव हवाई।।

भरतपुर नदबई से हेमंत दुबे की रिपोर्ट

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