एबीवीपी ने धूमधाम से मनाई युगपुरुष स्वामी विवेकानन्द की जयंती।

एबीवीपी ने धूमधाम से मनाई युगपुरुष स्वामी विवेकानन्द की जयंती।

राजाखेड़ा।12 जनवरी के ऐतिहासिक दिन को वर्तमान युग में भारत ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी युवा दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया जाने लगा है।युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में एबीवीपी इकाई राजाखेड़ा के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह का माहौल देखा गया।उन्होंने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माला पहनाकर भारत माता के उद्घोष के नारे लगाए।12 जनवरी का इतिहास……….स्वामी विवेकानंद का नाम इतिहास में एक ऐसे विद्वान के नाम के साथ में दर्ज है।जिन्होंने मानवता की सेवा को अपना सर्वोपरि धर्म माना है।स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को बंगाल में हुआ था स्वामी विवेकानंद अपने ओजपूर्ण और बेबाक भाषणों के कारण काफी लोकप्रिय हुए।तथा उनके विचार ऑडियो सोशल मीडिया पर अमृत बचनों के रूप में घूमते रहते है।स्वामी विवेकानंद ने एक संत के रूप में ही नहीं अपितु एक राष्ट्रवादी के रूप में भी अपना योगदान दिया।हम सभी जानते हैं कि इनके गुरु स्वामी राम कृष्ण परमहंस थे जो साक्षात माँ काली से वार्ता किया करते थे।विवेकानंद से इन्हें बहोत लगाव था।उन्होंने पूरे भारतवर्ष का पैदल भ्रमण किया किया
जब वह 23 दिसम्बर 1892 को विवेकानंद कन्याकुमारी पहुंचे जहां वह 3 दिनों तक एक गंभीर समाधि में रहे और यहां से वापस लौटकर वे राजस्थान के आबू रोड में अपने गुरुभाई स्वामी ब्रह्मानंद और स्वामी तुर्यानंद से मिले।जिसमें उन्होनें अपनी भारत यात्रा के दौरान हुई वेदना प्रकट की और कहा कि उन्होनें इस यात्रा में देश की गरीबी और लोगों के दुखों को जाना है और वे ये सब देखकर बेहद दुखी हैं।स्वामी विवेकानंद जी का प्रसिद्ध भाषण 11 सितंबर,1893 को अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में एक प्रसिद्ध भाषण दिया था।नगर मंत्री पतंजलि ने बताया कि विवेकानंद का प्रचार झूठे आदमी कर रहे हैं…क्योंकि विवेकानंद के विषय में हमारा ज्ञान शून्य है।हम मानवता के मुकाबले, धार्मिक कर्मकांड में ज्यादा विश्वास करते है।।इस मौके पर राजन ठाकुर वीरेंद्र बघेला,दुष्यंत ठाकुर,अचल सोनी,धर्मेश,वीरेंद्र वर्मा,शिवम ओझा,मोनू आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संवाददाता मनोज राघव राजाखेड़ा

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