काशी रक्तदान कुम्भ संस्था को मिला ‘इंटरनेशनल लाईफ़ सेवर अवार्ड’
• पिछले साल संवेदना अभियान के तहत लगाया वृहद रक्तदान शिविर
• 27 फरवरी को लखनऊ में किया जाएगा सम्मानित
वाराणसी, 07 फरवरी 2022 – रक्तदान महादान है। इस कार्य में काशी रक्तदान कुम्भ (केआरके) संस्था अपना अहम योगदान दे रही है। पिछले वर्ष कोरोना काल में केआरके संस्था की ओर से संवेदना अभियान के अंतर्गत वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। इसके लिए संस्था को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
संस्थापक सचिव राजेश गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना काल में 23 मार्च को संवेदना अभियान के अंतर्गत नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ़ आर्टिस्ट्स एन्ड एक्टिविस्ट्स (निफ़्सा) के सहयोग से वृहद रक्तदान शिविर लगाया गया था। शिविर में महत्वपूर्ण योगदान व सर्वाधिक रक्तदान के लिए वर्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से इंटरनेशनल लाईफ़ सेवर अवार्ड हासिल हुआ है। यह अवार्ड आगामी 27 फरवरी को लखनऊ में होने वाले सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा। उन्होने कहा कि वाराणसी के लिए यह गौरव की बात है कि संस्था की ओर से एक दिन में सर्वाधिक रक्तदान किया गया। इसमें कई लोगों ने हिस्सा लिया।

कोरोना की दूसरी लहर के चलते लोगों ने दूसरों की जान परवाह करते हुये रक्तदान किया। 23 मार्च को पूरे देश में संस्था द्वारा सहयोगियों की मदद से संवेदना अभियान के अंतर्गत कुल 1476 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इसमें करीब 1.27 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया एवं 97,744 रक्तदानियों ने एक साथ सर्वाधिक रक्तदान का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। वहीं वाराणसी में करीब 123 लोगों ने पंजीकरण कराया एवं 83 लोगों ने रक्तदान किया। उन्होने कहा कि यह सम्मान उन सभी रक्तदानियों, सहयोगियों, समस्त संस्थाओं व ब्लड बैंक के समस्त स्टाफ़ का है जिनके सहयोग से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को रिकॉर्ड बनाकर हासिल हुआ है।
आलोक कुमार सिंह, वाराणसी