किसी की परीक्षा लेना भयानक परिणाम भुगतना होता है व्यास…

रिपोर्टर by – पवन कुमार शर्मा आगरा

किसी की परीक्षा लेना भयानक परिणाम भुगतना होता है व्यास

सैयां। कस्बा सैया में चल रही श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस में कथा व्यास पंडित पंकज शास्त्री जी ने अपने उदवोधन में कहा। कि किसी भी व्यक्ति या शक्ति की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि उसका भयानक परिणाम भुगतना पड़ सकता है। कथा व्यास पंकज शास्त्री जी ने कहा भगवान शिव माता सती के साथ अगस्त मुनि के आश्रम में श्री राम कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा श्रवण के उपरांत मां सती के मन में संदेह पैदा हो गया कि यह कैसा राम विष्णु अवतार है जो पत्नी के लिए वन वन में मारे मारे फिर रहे हैं। शिव जी के समझाने के बाद भी जगत जननी शक्ति स्वरूपा मां सती जगदंबे सीता जी का रूप धारण कर श्रीराम के पास पहुंची। तो भगवान राम ने मां को सती के रूप में पहचान लिया। सीता का रूप धारण करने पर जगत माता सती का भगवान शिव ने परित्याग कर दिया।व्यास जी कहते हैं की पति पत्नी को आपस में बात माननी चाहिए। कथा भी दोनों एक साथ श्रवण करनी चाहिए । इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है परीक्षक संजय जी महाराज है

 

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