खगेश साहू // महासमुन्द/ पिथौरा
ग्राम पंचायत बड़े लोरम में मृत्यु के 3 माह 17 दिन बाद भी नही बना मृत्यु प्रमाण पत्र पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई गुहार,

महासमुंद जिले के विकास खण्ड पिथौरा में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ एक पिता को अपने पुत्र के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, विकासखंड पिथौरा अन्तर्गत ग्राम पंचायत बड़े लोरम का है पीड़ित पिता तहसील साहू ने अपने पुत्र महेश साहू की मृत्यु के बाद पंचायत सचिव से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया था। हालांकि, सचिव मोहन लाल पटेल द्वारा इसे जारी करने में अकारण देरी की गईयह मामला तब और गंभीर हो गया जब कई बार अनुरोध करने के बावजूद सचिव ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। पीड़ित पिता के अनुसार, उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी समय पर सचिव को उपलब्ध कराई थी, फिर भी उनके अनुरोध को अनदेखा किया गया। सचिव की इस लापरवाही के कारण पिता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः, तंग आकर पिता ने कलेक्टर को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने पुत्र का मृत्यु प्रमाण पत्र जल्द से जल्द जारी करने के लिए निर्देश देने की मांग की है। पिता का कहना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र की अनुपलब्धता के कारण उन्हें मृत्यु दावा प्रकरण की मिलने वाला लाभ से वंचित होना पड़ सकता है एवम् विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पिता ने यह भी बताया कि उन्होंने सचिव से बार-बार अनुरोध किया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। यह मामला केवल एक पिता की समस्या नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों की समस्या है जो अपने प्रियजनों के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि कई बार आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मामले ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलता और सरकारी अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि कलेक्टर कार्यालय इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित पिता को न्याय मिलता है या नहीं।