चंदौली : वांसतिक नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां शैल पुत्री की आराधना की। सुबह से ही मंदिरों में आस्थावानों की भीड़ लगी रही। वहीं घरों में भी कलश स्थापना कर व्रती माताओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने जय माता दी के खूब जयकारे लगाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
नवरात्र के पहले दिन भगवती के प्रथम स्वरूप देवी शैलपुत्री के दर्शन-पूजन का विधान है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में जन्म लेने से इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। शांति व उत्साहप्रदायक माता भय से मुक्ति देती हैं। मान्यता है कि कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की आराधना से विशेष लाभ मिलता है। मुख्यालय स्थित मां काली मंदिर, सती माता मंदिर , दुर्गा मंदिर में दर्शन पूजन को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। कस्बा बाजार की दुकानें पूजा पाठ की