जनसुनवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

छत्तीसगढ़ रायगढ़ से= महेंद्र अग्रवाल R 9 भारत

💥 जनसुनवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

 

⚡ आप प्रतिनिधि मंडल ने रायगढ़ को पर्यावरण प्रदूषण से बचाने की गुहार लगायी

रायगढ़। आज आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने 13 बिंदुओ पर 6 जुलाई को होने वाले रुपाणाधाम उद्योग के विस्तार का विरोध करते हुए रायगढ़ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और गुहार लगाया कि प्लीज हमारे रायगढ़ को पर्यावरण प्रदूषण से बचा लीजिए। कल आम आदमी पार्टी रायगढ़ ईकाई अपने कार्यालय में रायगढ़ जिला प्रभारी सिरिल धृतलहरे और रायगढ़ जिलाध्यक्ष भरत दुबे के उपस्थिति में जनसुनवाई का पुर्जोर विरोध करने का फैसला लिया था। रायगढ़ जिले में आए दिन औद्योगिकरण के विस्तार एवं कोयला खनन कोल वाशरी जैसी कंपनियों के नए निर्माण एवं विस्तार की हो रही जनसुनवाइयों से रायगढ़ जिले की जनता अब त्रस्त हो चुकी है, रायगढ़ की जनता और ज्यादा औद्योगिकरण एवं खनन के प्रदूषण की मार झेलने में सक्षम नहीं है।

जनसुनवाई का विरोध करते हुए प्रभारी सिरिल धृतलहरे ने बताया कि इस क्षेत्र के लोगों को अपने जीवन यापन के लिए जंगलों से तेंदूपत्ता, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, आमला जैसे उत्पाद प्रभावित होने के कारण रोजगार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे लोगों में रोजगार के लिए पलायन करना होगा। यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची क्षेत्र है, जहां ग्रामसभा को विशेषाधिकार है कि ग्राम पंचायत के अंदर संचालित होने वाली गतिविधियों के लिए सबसे पहले ग्रामसभा से अनुमति लेनी होती है, परंतु कंपनी द्वारा किसी भी प्रकार से ग्राम सभा से आज पर्यंत तक किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई है, जो स्थानीय लोगों के भारत के संविधान का आर्टिकल 21 का सीधा-सीधा उल्लंघन है, इसलिए जनसुनवाई निरस्त होनी चाहिए। साथ ही कंपनी द्वारा जो ईआईए नोटिफिकेशन बनाया गया है, इसमें परियोजना के प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर क्षेत्र में पढ़ने वाले गांवों का अध्ययन नहीं किया गया है, जिसमें आगनबाडी में पढ़ने वाले बच्चे, प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे एवं क्षेत्र में पढ़ने वाले बच्चों पर जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का होने वाले दुष्प्रभाव का किसी भी प्रकार का अध्ययन नहीं किया गया है, यह ईआईए नोटिफिकेशन रिपोर्ट पूर्ण रूप से फर्जी है, इसी ईआईए नोटिफिकेशन का राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन पहले जांच करवाएं, इसके बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया का विधि सम्मत पालन करें।

उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि कंपनी द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को पूर्व में सीएसआर मत के तहत जो कार्य करने के लिए कहा गया था, आज पर्यंत तक कंपनी द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के अपने सीएसआर मद के तहत किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं करवाया गया है, जिस क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर आक्रोश है, अगर किसी भी प्रकार की घटना दुर्घटना होती है, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी एवं जिला प्रशासन की होगी, इसलिए आयोजित होने वाली जनसुनवाई का हम विरोध करते हैं। जहां पर यह कंपनी स्थापित है, वहां के आसपास के क्षेत्रों जंगल बहुल क्षेत्र हैं, जहां लोगों की आजीविका का मूल कृषि पशुधन वनोपज है, जो कंपनी के स्थापित होने से काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है एवं अगर कंपनी को विस्तार की अनुमति दी जाती है, जिससे आसपास का पर्यावरणीय क्षेत्र काफी ज्यादा प्रभावित होगा, जिसका प्रभाव आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों पर पड़ेगा, इसलिए इस जनसुनवाई का हम विरोध करते हैं। इस जनसुनवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी ने एक प्रतिनिधि मंडल की टीम बनायी थी, जिसमें मुख्य रूप से रायगढ़ जिला प्रभारी सिरिल धृतलहरे, रायगढ़ जिला अध्यक्ष भरत दुबे, रायगढ़ जिला संगठन मंत्री योगेन्द्र कुलदीप, विधानसभा अध्यक्ष गोपाल बापोड़िया, स्टेट ऑब्जर्वर आलोक स्वर्णकार और युवा नेता आरिफ खान है और ज्ञापन सौंपने गए प्रमुखों में ये सभी उपस्थित रहें।

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