मंगल ठाकुर
बरठीं बिलासपुर।
जिले की विभिन्न पंचायतों में विद्युत विभाग की ओर से लगाए गए लोहे के खंभों को विभागीय देखरेख के अभाव में जंग ने अपनी पकड़ में ले लिया है।
इस कारण विभाग की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए खंभों का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। विभाग की ओर से हर वर्ष लोहे के खंभों को सिल्वर पेंट किया जाता रहा है लेकिन लगभग बीस वर्षों से खंभों को पेंट नहीं किया गया है जिस कारण विभागीय लापरवाही के कारण यह करोड़ों रुपये के खंभे जंग की चपेट में आ चुके हैं।उल्लेखनीय है कि जिले के सभी विकास खंडों के तहत हर पंचायत में पहले लकड़ी के खंभे लगाए गए थे लेकिन उनके गलने सड़ने की वजह से उनका स्थान कुछ सीमेंट के खंभों ने लिया और कुछ की जगह लोहे के खंभों को लगाया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विकास खंड की लगभग सभी पंचायतों में पचास से सौ खंभों को गत वर्षों में लगाया गया है। एक खंभे की कीमत सात हजार से लेकर पंद्रह हजार रुपये तक की है। सभी पंचायतों में लगभग पांच हजार लोहे के छोटे व बडे़ खंभे लगाए गए हैं जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो यह खंभे किसी बडे़ हादसे को भी जन्म दे सकते हैं।
उधर बरठीं स्थित विद्युत उपमंडल के सहायक अभियंता रणजीत सूर्या ने बताया कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में पेंट नहीं हुआ है लेकिन यह पोल अब कोटड ही आते हैं। उन्होंने बताया कि जब खंभों को लगाया जाता है तो उन पर रेड ऑक्साइड पेंट किया होता है, बाद में सिल्वर पेंट किया जाता है। उन्होंने बताया कि बजट के अभाव में सिल्वर पेंट कई वर्षों से नहीं किया गया है। खंभों में पेंट करने के लिए प्राक्कलन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा और ज्यादा खराब खंभों को जल्दी ही पेंट करवा दिया जाएगा।