तहसीलदार दीपा यादव द्वारा मुख्यमंत्री के पैतृक गांव के 40 साल पुराने रास्ते को चालू करवाया। राज्य सरकार द्वारा आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे ‘रास्ता खोलो अभियान’ के तहत आज बुधवार को नदबई तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 11 गाँवों में वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्तों को खुलवाया। इस अभियान की विशेष बात यह रही कि, इसमें मुख्यमंत्री के पैतृक गाँव अटारी में भी वर्षों पुराना रास्ता साफ करवाया गया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह देखने को मिला।
आज जिन गाँवों में रास्ता खोलो अभियान के तहत कार्रवाई की गई, उनमें अटारी, ऊंच, गाजीपुर, कबई, खेडीदेवीसिंह, बढा, गांगरौली, बरौलीछार, परसवारा, होंता और डहरा गांव शामिल हैं। इन सभी गाँवों में आपसी विवाद, अतिक्रमण अथवा अन्य सामाजिक कारणों के चलते रास्ते बंद थे, जिससे आमजन को खेतों, स्कूलों, श्मशान घाटों और अन्य सार्वजनिक स्थलों तक पहुँचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
अभियान की अगुवाई तहसीलदार दीपा यादव द्वारा की गई, जिन्होंने मौके पर पहुँचकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ मिलकर रास्ते खुलवाए। उन्होंने बताया, “प्रशासन का उद्देश्य है कि, कोई भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। रास्तों की बहाली जनसुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसे बिना किसी पक्षपात व भेदभाव के लागू किया जा रहा है।
Reporter rahul dagur shahpur lakhanpur