फरियाद : 04 किमी. सड़क को बनवा दीजिये विधायक जी….. हम जर्जर और कीचड़ भरे मार्ग पर चलने को है मजबूर !

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट

फरियाद : 04 किमी. सड़क को बनवा दीजिये विधायक जी….. हम जर्जर और कीचड़ भरे मार्ग पर चलने को है मजबूर ! मुड़ापार से कोरबी तक की ग्रामीण सड़क योजना की हालत 5 वर्ष से दयनीय, विभाग के साथ- साथ जनप्रतिनिधियों ने भी मूंदी आंखे

 

कोरबा//विधायक महोदय जी हमारे ग्राम की मुख्य सड़क पिछले 5 साल से अत्यंत जर्जर हो गया है। इसी मार्ग से गुजरकर लोग काम पर, मरीज हॉस्पिटल व स्कूली छात्र- छात्राएं स्कूल जाते है। जहां उन्हें उबड़- खाबड़ और कीचड़ भरे मार्ग पर मजबूरन चलना पड़ता है। महोदय जी अपने क्षेत्र के विकास की कल्पना कर हमने आपको अपना मत दिया है तो हमारी आपसे विनती है कि हमारे ग्राम के मुख्य सड़क को किसी तरह बनवा दीजिये..! यह कहना है कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के हरदीबाजार तहसील अंतर्गत मुड़ापार व कोरबी ग्राम के निवासी ग्रामीणों का, जिनके लिए 04 किलोमीटर के मुख्यमार्ग पर चलना परेशानी का सबब बना हुआ है। बार- बार मांग के बाद भी जहां जनप्रतिनिधि व अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे है।

शहरों से गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें ग्राम विकास की धुरी होती है। जिन सड़कों को गड्ढा मुक्त करने प्रदेश सरकार का दावा हरदीबाजार क्षेत्र की मार्ग को देखकर केवल छलावा साबित हो रहा हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत ग्राम मुड़ापार से कोरबी जाने वाला संपर्क मार्ग इसका उदाहरण है। जर्जर सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बार- बार फरियाद के बाद भी जनप्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लगभग पांच किमी. लंबा मुख्यमार्ग गत पांच साल से जर्जर अवस्था में है। जिस मार्ग पर बस, ट्रक, कार, ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहने हिचकोले खाते रोजाना गुजरती है तथा इसी से होकर ग्रामीण तहसील मुख्यालय, अस्पताल व अपने गंतव्य को आते जाते हैं। कोरबी गांव के अभिषेक तिवारी ने बताया कि पांच साल से खराब सड़क गड्ढे का रूप ले चुकी है। जिस पांच किमी के दूरी को तय करने में आधे घंटे का समय लग जाता है। लोग जर्जर सड़क पर आवागमन करने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में हालात और भी दयनीय हो जाती है। जहां सड़क के गड्ढों में भरे बरसाती पानी की वजह से मच्छर पनप रहे है, जो मार्ग किनारे के घरों में घुस रहे है। जिससे बीमारी होने का लोगों में भय बना हुआ है। यदि किसी बीमार व्यक्ति को उपचार के लिए इस मार्ग से लेकर जाया जाए तो उसके लिए बेहद ही कष्टदायक साबित होगा। इस सड़क पर निर्मित गड्ढे व कीचड़ से होकर ग्राम जोरहाडबरी, ढोलपुर, खम्हरिया, बोकरामुड़ा, पथर्री और स्थानीय स्तर के छात्र- छात्राएं कोरबी (धतूरा) स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने पहुँचते है। मुख्यमार्ग की हालत को लेकर छात्र- छात्राओं का कहना है कि क्या करें खराब सड़क पर चलकर विद्यालय पहुँचना हमारी मजबूरी है, जर्जर सड़क नही नापेंगे तो पढ़ाई कहां कर पाएंगे। अधिकारी, नेता, जनप्रतिनिधि स्कूल आते है और विकास पर भाषण देकर चले जाते है, लेकिन किसी का भी ध्यान विकास के मुख्य बिंदु सड़क की दशा के सुधार की ओर नही जाता। इस मार्ग पर गुजरने वाले वाहनों के पहियों से छिटककर गड्ढों में भरा गंदा पानी उन पर पड़ता है, जिससे उनके यूनिफार्म गंदे हो जाते है। समझ नही आता कि सड़क में गड्ढे है कि गड्ढे में सड़क। अपने इस दर्द को आखिर किसके सामने बयां करें? वहीं पांच किलोमीटर के इस कीचड़ युक्त जर्जर मार्ग को लेकर कोरबी व मुड़ापार के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों सहित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा पांच साल से सड़क उन्नयन की मांग करते आ रहे है, लेकिन किसी ने अबतक ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आगे बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में कांग्रेस विधायक रहे पुरुषोत्तम उइके ने निर्वाचित होने पश्चात सड़क निर्माण की बात कही थी, पांच साल उनके आश्वासन में बीत गए लेकिन सड़क निर्माण की गिट्टी तो दूर मिट्टी- मुरुम भी नही डलवा सके। वहीं वर्तमान भाजपा विधायक प्रेमचंद पटेल पर भरोसा कर उन्हें अपना मत दिया और निर्वाचित होने बाद उनसे अनेकों बार निवेदन भी किया गया, किन्तु वे भी इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहे है। अधिकारियों को भी आवेदन दे सड़क निर्माण की मांग कर चुके है, पर हालात जस का तस है। ग्रामीणजन सड़क निर्माण की आस लगाए बैठे हैं और उन्हें उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि अथवा कोई मसीहा उनकी फरियाद सुनेगा।

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