ब्यूरो रिपोर्ट पलामू झारखंड
बिना मीटर रीडिंग के अनाप-शनाप बिजली बिल वसूली के खिलाफ आन्दोलन किया जाएगा: झारखण्ड क्रांति मंच
——————————————
27 दिसंबर 2021, मेदिनीनगर
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु एवं मंच के केन्द्रीय सचिव सह नावाबाजार प्रखण्ड के पूर्व प्रमुख रेणु देवी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिले में बिजली विभाग की बढ़ती मनमानी व बिना मीटर रीडिंग के अनाप-शनाप बिजली बिल वसूली करने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उग्र आन्दोलन की चेतावनी दिया है।
जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों नावाबाजार प्रखण्ड में बिजली उपभोक्ताओं की जायज मांगों को लेकर झारखण्ड क्रांति मंच द्वारा विशाल सभा कर सभी उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाने,बिना मीटर रीडिंग के अनाप-शनाप बिजली बिल नहीं भेजने,बिना कनेक्शन लिए मृत व्यक्तियों के नाम बिल भेजने,एक ही परिवार के पति-पत्नी के नाम अनाप-शनाप बिल भेजने,पूर्व में कुटीर ज्योति योजना व राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के कनेक्शनधारी बीपीएल परिवारों के नाम 25000 से 30000₹ तक के बिजली बिल भेजने की जांच आदि कई सवालों को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था,लेकिन एकाध गांवों के दौरे के बाद विभाग ने चुप्पी साध ली,जो निंदनीय है।
जारी विज्ञप्ति में केन्द्रीय अध्यक्ष व सचिव ने कहा है कि नावाबाजार प्रखण्ड के मल्लाह टोली गांव के गरीब सूर्यबली यादव व नगबसिया कुंवर नाम के गरीब किसानों की दो भैंसों की मौत आईटीआई कालेज नावाबाजार के समीप 11000 वोल्ट के तार की चपेट में आने से तीन महीने पूर्व हो गई थी, लेकिन सूचना व आवश्यक प्रक्रिया के बावजूद भी आजतक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है,जो अत्यंत ही चिंता का विषय है।
जारी विज्ञप्ति में झारखण्ड क्रांति मंच के नेता द्वय ने कहा है कि अगर कथित बिजली चोरी के नाम पर उपभोक्ताओं पर कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल और जुर्माना वसूला जा सकता है तो फिर अनियमित बिजली आपूर्ति,बिना मीटर रीडिंग के बिल भेजने,जर्जर तार -पोल व ट्रान्सफारमर आदि समय पर नहीं बदलने के खिलाफ बिजली विभाग व वितरण करनेवाले नीजि कम्पनियों के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में मुकदमा क्यों नहीं दर्ज होना चाहिए? क्यों हर तरह का अत्याचार जनता ही सहेगी?