सिवान में स्वास्थ्य संबधित धोखाधडी मरीजो के साथ किया जा रहा है का मामला एक समाजसेवी द्वारा बिहार के मुखिया नितीश कुमार के जनता दरबार में पहुंचा। स्वास्थ्य परिक्षण के नाम पर अवैध संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड व जाँच घर मामले में सीएम के जनता दरबार में एक समाजसेवी फरिवादी ने खुलासा किया है साक्ष्य के साथ। उसने सीएम को बताया की सिवान जिले में सभी जगहों पर अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालक कहते है की मंत्री के रिश्तेदार हैं।अवैधअल्ट्रासाउंड
सेंटरों के धड़ल्ले से संचालन को लेकर शिकायत के बाद भी सिवान के सिविल सर्जन की ओर से इसपर संज्ञान नहीं लिया जाता हैं और अवैध संचलन अल्ट्रासाउंड मामले को ठंडे बस्ते में डाल दीया जाता हैं। स्थानिय स्तर पर करवाई नहीं होता देख मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत लेकर पहुंचे महाराजगंज के हरेन्द्र श्रीवास्तव नाम के युवक ने मुख्यमंत्री को यह बात बतायी। साथ ही इस अवैध अल्ट्रासाउंड के मामले से जुड़ा साक्ष्य भी उपलब्ध कराया हैं।
सही तरीके से और सुचारु रुप से स्वास्थ्य विभाग चलाने की जिमेवारी सिविल सर्जन की होती हैं। जबकी मरीजो का सही जाँच न होना व मरीजों का दोहन किया जाना सिवान जिले में आम बात हो गई हैं। जबकी सिविल सर्जन अल्ट्रासाउंड के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य संबधित जाँच के माफियाओं के साथ मिलकर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा हैं। कुछ ऐसा ही आरोप महाराजगंज के हिरो के नाम से प्रसिद्ध हरेन्द्र श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नितीश कुमार व स्वास्थ्य विभाग के मंत्री मंगल पाण्डेय से मिलकर जाँच की बात की। वही मुख्यमंत्री ने निक्ष्पक्ष जाँच का आश्वासन देने की बात कही।
मामला वहीं तक नहीं रका उसने कहा की सिविल सर्जन भी अवैध अल्ट्रासाउंड संचालकों से जुडे हैं और बदले में संचालकों ने उन्हें गिफ्ट के तौर पर एक स्कार्पियो गाड़ी दी हैं। वही महाराजगंज के हिरो के नाम से प्रसिद्ध हरेन्द श्रीवास्तव के आरोप में कितनी सचाई है जो साक्ष्य भी उपलब्ध कराये है इसकी जानकारी निक्ष्पक्ष जाँच के बाद ही हो सकेगी। हरेन्द्र श्रीवास्तव के आरोप ने जिले के भ्रष्ट सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दीया हैं। वही जिले के सभी स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सभी अल्ट्रासाउंड व जाँच घर व एक्स-रे जैसे जाँच करने वाले लोगों की जमीनी हील गई है।
[ कई अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं जिले में]
मिली जानकारी के अनुसार जिले में कई अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किए जाते हैं। धडल्ले से संचालित इन अल्ट्रासाउंड व जाँच घर संचालकों में विभागीय अधिकारियों के करवाई का जरा भी भय नहीं हैं। इतना ही नहीं कई बार अस्पतालों के समाने संचलान के बाद भी कई पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन नहीं होने के प्रमाण विभाग को देते हैं। जबकी सच्चाई ठीक इसके उलट हैं।
जब अवैध अल्ट्रासाउंड मामले को लेकर सिवान सिविल सर्जन यदुवंश कुमार शर्मा से पुछा गया तो कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ अवैध रुप से संचालन का आरोप लगया गया था। जिसकी त्वरित जाँच कर रिपोर्ट डीएम अमित कुमार पांडेय को सोंप दी गई है। हलाकिं जाँच के दौरान सभी सेंटर वैध पाए गए थे। रही बात गाड़ी की तो एन सी डी ओ कर्यलाय में गाड़ी भाडे पर ली गई हैं।