झिरन्या
ये कैसा बंधन ट्रैक्टर नहीं तो लाभ नहीं
लाडली बहनों ने जताई नाराजगी कहां ट्रैक्टर होगा घर पर तो क्यों भरेंगे फॉर्म23 उम्र की बाद की महिलाओं को शिविर से जब ट्रैक्टर पात्रता बताकर लौटाया जाने लगा तो उन्होंने शिविर परिसर में ही इस बात का विरोध करना शुरु कर दिया और कहा कि ये उन्होंने कहा कि यदि वे इतने सक्षम होते ही वे ट्रैक्टर खरीद सके तो फिर वे लोग एक हजार रुपये की माह की चाह में इतनी मुसीबत उठाती ही क्यों यदि ट्रैक्टर रहता तो वे फिर एक हजार रुपये के चक्कर में पड़ने के बजाय दूसरे कामकाज की कर लेती। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर ये बंधन सिर्फ और सिर्फ योजना के नाम पर परेशान करने वाला है और कुछ नहीं। की सुशीला बाई ने कहा कि आब ट्रैक्टर नहीं हेलीकॉप्टर लेकर आएंगे फॉर्म भरने
R9 भारत राहुल राठौड़