लाभ हानि की दुविधा छोड़कर सत्कर्म करें- श्री त्रिदंडी स्वामी लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वमी जी महाराज।

लाभ हानि की दुविधा छोड़कर सत्कर्म करें- श्री त्रिदंडी स्वामी लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वमी जी महाराज।

पाण्डु से अनिल शर्मा की रिपोर्ट

पाण्डू-भगवान बेनुगोपाल मन्दिर बृद्धखैरा में आयोजित लक्ष्मी नारायण यज्ञ में अपने प्रवचन में त्रिदंडी स्वामी श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि,सत्कर्म करने से पहले कभी भी दुविधा में नहीं पड़ें।अक्सर लोगों के मन मे यह प्रश्न उठता है कि,पूजा-पाठ,यज्ञ-प्रवचन जैसे धार्मिक कार्यों के करने से हमें क्या लाभ मिलेगा।लोंगों की सेवा करने से,सामाजिक कार्यों को करने से हमें क्या लाभ मिलेगा।इस परिस्थिति में मन दुविधा में पड़ जाता है।ऐसी मनः स्थिति में दृढ़ निश्चयी होना चाहिए।सत्कर्म का लाभ मिले या न मिले लेकिन कोई नुकसान नहीं होता।कोई हानि नहीं होती।इसे प्रत्यक्ष अनुभव किया जा सकता है।अगर दृढ़ निश्चयी होकर सत्कर्म किया जाय तो इसका सुफल निश्चय ही मिलता है।इसलिए लाभ-हानि की दुविधा से निकल कर मनुष्य को सत्कर्म करना चाहिए।दान-धर्म,तप,सत्कर्म हमेशा करते रहना चाहिए।

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