एक ओर सरकार जहां बलिदानियों को सुविधाएं दे रही है वही विभाग व ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्य में गुणवत्ता की कमी देखने को मिल रही है। बलिदान हुए व्यक्ति मस्तराम के घर तक लगभग सात लाख की टायरिंग मात्र 2 माह में उखड़ गई है ऐसा ही एक मामला विकासखंड झंडुत्ता की ग्राम पंचायत सुनहानि के गांव डूहक में देखने को मिल रहा है। लगभग 23 वर्ष पूर्व 1999 मैं देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी मस्तराम के घर तक सड़क नही थी लेकिन सरकार ने उनके घर डूहक तक लगभग 700 मीटर सड़क निकाली। 22 वर्ष बाद सड़क पर लगभग सात लाख रुपए से टायरिग की गई। लेकिन विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से हुई यह टायरिग मात्र दो माह में ही उखड़ गई है जिस कारण बलिदानी परिवार सहित अन्य ग्रामीणों का गुस्सा ठेकेदार ब विभाग के खिलाफ सातवें आसमान पर जा पहुंचा है।
देश पर बलिदान हुए मस्तराम की धर्मपत्नी व्यासा देवी सहित अन्य ग्रामीणों बुद्धि सिंह, मदनलाल,रमेश कुमार, प्रभु राम, सुरजन राम, श्रवण कुमार, रामलाल, महेंद्र सिंह, अभी सिंह, मनोज कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया सड़क को पक्का करने के लिए उन्होंने कई बार स्थानीय विधायक के पास गुहार लगाई थी जिस कारण सड़क को पक्का करने के लिए सात लाख मंजूर हुआ था उन्होंने बताया कि विभाग ने एक ठेकेदार के माध्यम से यह कार्य करवाया लेकिन गुणवत्ता की कमी के कारण मात्र दो माह में ही सड़क कच्ची सड़क के रूप में तब्दील हो गई है। जिस कारण सरकार द्वारा दिए गए पैसे का पूरी तरह से दुरुपयोग किया गया है
ग्रामीणों ने बताया कि जब सड़क का कार्य चल रहा था तब भी उन्होंने विभाग के पास सड़क के कार्य में मिलीभगत की शिकायत की थी लेकिन विभाग ने कोई भी कार्यवाही नहीं की जिसका खामियाजा मात्र दो माह में ही देखने को मिल रहा है ।लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने सड़क मरम्मत कार्य में मापदंड के अनुसार मेटेरियल नहीं लगाया। इससे कई स्थानों पर सड़क का उखडऩा शुरू हो गया है। सड़क के मरम्मत कार्य की गुणवता के बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी लोगों ने अवगत कराया था। लोगों ने सरकार से मांग की है कि ठेकेदार की पेमेंट रोक कर इस सड़क की गुणवत्ता की जांच विजिलेंस से करने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से भी गुहार लगाई है कि इस सड़क की जांच करवा कर सड़क को चुनावों से पहले दुरुस्त करवाया जाए अन्यथा आने वाले चुनावों में ग्रामीण वहिष्कार करने पर विवश होंगे। उधर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरजीत केंथ ने बताया कि वह मौके का निरीक्षण कर ठेकेदार से दोबारा सड़क को दुरुस्त करवाएंगे।