संगीत के एक स्वर्णिम काल का अंत : देवेंद्र

पलामू निखिल कुमार पाण्डेय

संगीत के एक स्वर्णिम काल का अंत : देवेंद्र

इस धरा पर जब तक संगीत का अस्तित्व रहेगा तब तक स्वर समरागि श्रद्धेय लता जी का नाम अमर रहेगा ,,
उक्त बातें नागरिक संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद गुप्ता ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल 6 फरवरी 2022 में अंतिम सांस लेने के पश्चात कहा। उन्होंने आगे कहा कि भारत रत्न से सम्मानित लता जी का निधन हम सभी देशवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है परमात्मा दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिजनों व उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें श्री गुप्ता ने बताया कि लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था उनके पिताजी का नाम दीनानाथ मंगेशकर था। एक बहुत चर्चित गाना जो आज भी सभी के दिलों में गुनगुनाते रहता है , सन 1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों के याद में पहली बार गाया गया 27 जनवरी 1963 को नई दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में उनके द्वारा गाया गया था उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे उस गाने को सुन उनकी भी आंखें नम हो गई थी वह लोकप्रिय गाना
ऐ मेरे वतन के लोगों
तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर न आये।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


error: Content is protected !!