राजाखेड़ा स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा जो ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत समर्सिबल व पाइप लाइन फिटिंग करके टंकी द्वारा पानी दिया जाना स्वीकृत था

लेकिन सरकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस काम में सबसे ज्यादा लापरवाही बरती गई है जहां पाइप से फिटिंग होनी थी वहां एक काला पाइप जिसे सूडिया बोलते हैं जोकि स्ट्रीमेट के आसपास भी नहीं होगा उस पाइप का प्रयोग किया गया आज देखा जा रहा है कि कहीं पर फटा पड़ा है कहीं टूटा पड़ा है तो स्वच्छ भारत मिशन के जो योजना में जल बच्चों को पहुंचना चाहिए था वह विफल नजर आ रहा है कई बार विभाग को सूचित करते हैं तो वह नजरअंदाज कर देते हैं राजाखेड़ा सबसे प्रथम भ्रष्टाचार में प्रथम पायदान पर आ चुका है जहां पहले से हैंडपंप थे उन्होंने न्यू समर्सिबल डालकर चालू कर दिया गया जबकि स्वच्छ भारत मिशन का पूरा पैसा गबन कर गए जो उसमें से पुराना सामान निकला उसको को भी बेच कर खा गए इसी प्रकार जहां लोहे के पाइप का प्रयोग होना था उस जगह प्लास्टिक का पाइप डाल दिया गया तो नाली के अंदर से जो पानी निकलना था वह नहीं निकल पाया तो वहां सड़क टूट गई यह सारा विकास पंचायत समिति के अंतर्गत आता है और वहां पर ज्यादातर ध्यान नहीं देते हैं रिपोर्टर मनोज राघव राजाखेड़ा