उपयंत्री नागले और धुर्वे के सेक्टर में बहुत खुश है पूर्व सरपंच , सचिव , वेंडर और ठेकेदार

उपयंत्री नागले और धुर्वे के सेक्टर में बहुत खुश है पूर्व सरपंच , सचिव , वेंडर और ठेकेदार

कहि जामुलनी और कोथलकुण्ड पंचायत में राजनेताओं और अफसरशाही का खुला समर्थन तो नही

R9 भारत के साथ रामेशवर लक्षणे की रिपोट बैतूल से)

 

:-भैंसदेही जनपद पंचायत में पदस्थ सब उपयंत्री नागले और धुर्वे की वर्किंग से, पूर्व सरपंच , सचिव , वेंडरों , ठेकेदारों को खूब रास आई है और वे बेहद खुश नजर आ रहे है । कुछ वेंडर तो ऑफ द रिकार्ड उपयंत्री धुर्वे और नागले की शान में कसीदे गढ़ते हुए भी नजर आते है। उनका तो दावा है कि धुर्वे साहब और नागले साहब के रहते हुए उनका कोई बिल कभी नहीं रुकता , बिल चाहे जैसा हो। वहीं ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों के निर्माण कार्यों में जो भी वेंडरिंग की गई है उसमे आधे से ज्यादा अवैध बिल लगाकर राशि निकली गयी है। आगे बताया कि यदि निर्माण कार्यो की सही तरीके से जांच हो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा , हकीकत सबके सामने खुलकर आ जाएंगी , की ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य के नाम पर किस हद तक भ्रष्टाचार किया गया है।परन्तु जांच हो होती नही और होती भी है तो इनको सियासत और अफसरशाही दोनों का खुला संरक्षण मिल जाता है और ले दे कर मामलो को दबा दिया जाता है। इसलिए ये लोग बे ख़ौप निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पूर्ण कागजो पर दिखाकर निर्माण कार्य मे जमकर भ्रष्टाचार कर बिल धड़ाधड़ लगते है और फटाफट भुगतान होता है।ग्रामीणों का दावा तो यहां तक है कि उपयंत्री नागले और धुर्वे के सेक्टर की पंचायों में अवैध वेंडर बोगस बिल तक खपाते है, लेकिन कोई चू पटाक नहीं करता। जिसका खुलासा जांच में हो सकता है।
धड़ले से लगे है जामुलनी और कोथलकुण्ड में बिना जीएसटी और फर्जी बिल
भैंसदेही जनपद की पंचायतों में अवैध वेंडरिंग पिछले कई वर्ष से एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था। क्षेत्रीय लोगो के पुराने दावे के बाद भी यहां पर अवैध वेंडरिंग पर कोई रोक टोक नहीं है और इसी का पूरा फायदा उपयंत्री धुर्वे और नागले के कार्य क्षेत्र वाली पंचायतों में भरपूर उठाया गया है। और कोई भी पीछे नहीं है।कोथलकुण्ड पंचायत में निर्माण कार्यों में राशि का आहरण करने जम कर बिना जीएसटी वाले बिल धड़ल्ले से बिना ख़ौप के लगाए गए , तो वही जामुलनी पंचायत में तो मजदूरी और समतलीकरण के नाम पर भी बिल लगाकर राशि निकालने का प्रयास किया गया है। और कोई रोक-टोक भी नहीं है।
जिनकी दुकान है न गोदाम उनके बिलो का जमकर किया गया उपयोग
बताया गया कि उपयंत्री नागले और धुर्वे की कार्यक्षेत्र वाली जामुलनी , कोथलकुण्ड आदि पंचायतों में ऐसे वेंडर के बिल खपाए गए है। जिनकी दुकान और गोदाम का कोई अता-पता नहीं है और हजारो , लाखों रूपये का भुगतान हो गया है। आरोप तो यह है कि कई बिल बिना मटेरियल सप्लाई के ही खपाये गए है ।
कयास तो यह भी लगाए जा रहे है कि पूर्व सीईओ साहब के राज में सामग्री के अवैध बिल लगाकर पूर्व सरपंचो , सचिवो , वेंडरों , ठेकेदारों ने जम कर चांदी काटी है।पहले कुछ मामले भी उजागर हुवे है परन्तु कुछ पर कार्यवाही हुई और कुछ को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने से किसी प्रकार की कोई कार्यवाही होते नजर नही आई , मामलो को दबा दिया गया , यहाँ तक कि लगता है वह मामले जिला पंचायत तक पहुंचने भी नही दिए गए शायद साहब से तगड़ी सेंटिंग होने से जनपद तक ही सिमट कर रह जाते थे। अब नए सीईओ साहब के आने से इन सब कुरीतियों में क्या सुधार होंगा , होंगा भी य्या नही , यह भी एक बड़ा सवाल है य्या जनपद भैंसदेही में चल रही परम्परा को निभाने की प्रक्रिया संचालित रहेंगी , कयास तो यह भी लगाए जा रहे है कि जिला पंचायत अधिकारी के भ्रष्टाचारियो पर इतने सख्त कदम उठाने के बाद भी इस प्रकार अनियमितता , भ्रष्टाचार , बिना जीएसटी बिल समायोजन , गुणवत्ता हीन निर्माण का लगातार सामने आना जनपद की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।

जब इस सम्बंध में ग्राम पंचायतों के सचिवों से फोन पर चर्चा की और बिलो की जानकारी उनके जिम्मेदार अधिकारीयो को है य्या नही इस पर बात की तो हैरान कर देने वाली बाते सामने आई।

इनका कहना है
मजदूरी और समतलीकरण का जो बिल लगा है उसकी इंजीनियर सर को भी जानकारी है।
सुनील पांसे
सचिव जामुलनी पंचायत

निर्माण कार्य मे लगे बिना जीएसटी बिल की जानकारी इंजीनियर सर को भी नही है।
साहबलाल कासदेकर
सचिव कोथलकुण्ड पंचायत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


error: Content is protected !!