रामलीला में कलाकारों ने धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया

मोतीगंज, गोण्डा। क्षेत्र के काजीदेवर ग्राम पंचायत के सुप्रसिद्ध बाबा जुगेश्वरनाथ महादेव मंदिर पर चल रही रामलीला में कलाकारों ने धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया। पुष्प वाटिका लीला से लेकर धनुष यज्ञ तक की लीला का मंचन किया गया। रावण-बाणासुर संवाद देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।
बताते चलें कि बाबा जुगेश्वरनाथ महादेव स्थान पर विगत पांच दशक से भी अधिक समय से रामलीला का मंचन होता आया है। इसकी शुरूआत पूर्व प्रधान स्वर्गीय ऊधवराम मिश्र व कृष्णदेव तिवारी सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्तियों द्वारा की गई थी। आदर्श रामलीला मंडली अयोध्या धाम के कलाकारों ने पुष्प वाटिका लीला से मंचन शुरू किया। माता गौरी की पूजा कर सीता मनवांछित वर का आशीर्वाद पाती हैं। इधर राजा जनक अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर की घोषणा करते हैं। शर्त रखते हैं कि जो शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उसी के साथ वह अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर करेंगे। दरबार में बहुत राजा, महाराजा आए लेकिन धनुष को हिला तक नहीं सके। लंका का राजा रावण और पाताल लोक के राजा वाणासुर आते हैं और दोनों में काफी संवाद होता है। संवाद को देखकर दर्शक रोमांचित रहे। धनुष न टूटने पर राजा जनक उलाहना देते हैं कि इस पृथ्वी पर कोई वीर नहीं रह गया है। ऐसा लगता है कि पृथ्वी वीरों से खाली है। इस पर‌ लक्ष्मण क्रोधित हो श्रीराम की सौगंध खाकर जनक को जवाब देते हैं। इसके बाद राम लक्ष्मण को शांत कराते हैं और भगवान श्रीराम गुरुदेव विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष को तोड़ देते हैं। धनुष के टूटते ही पूरा पंडाल जयकारे से गूंज उठता है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सदानंद मिश्र बड़े पंडित, कोषाध्यक्ष कृष्णदेव तिवारी, पूर्णेन्द्र तिवारी नत्थेराम काका, पंडित राकेश दत्त शास्त्री, सच्चिदानंद मिश्र, सत्यम तिवारी दलपतपुर, देवेन्द्र मिश्रा उर्फ वन बाबा, बब्बू चीनी, दीपू मिश्रा, सहित कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से कहोबा चौकी के हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार सिंह के साथ ही अन्य पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।

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