मंगल ठाकुर
बरठीं बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के ऊपरी जिलों में गुच्छी मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है। लेकिन अक्सर ये देखा गया है कि पिछले चार-पांच सालों से बिलासपुर, हमीरपुर जैसे गर्म इलाकों में भी गुच्छी पाई जाने लगी है। यह इतनी ज्यादा तो नहीं होती पर इसका मिलना इस बात का प्रमाण है कि यहां भी इस गुच्छी की पैदावार को बढ़ावा दिया जा सकता है। अगर सरकार और कृषि विभाग इसपर कुछ शोध करें तो किसानों को इसका भरपूर लाभ मिल सकता है विकासखंड झंडुत्ता के तहत ग्राम पंचायत घंडीर के गांव गुजरेहड़ा के राजेंद्र कुमार को यह गुच्छी घर के नजदीक खेतों में काम करते हुए मिली है। राजेंद्र ने बताया कि खेतों को साफ करने का काम कर रहे थे कि इस दौरान इन्हे यह गुच्छी दिखाई दी। उन्होंने बताया लगभग 1 किलोग्राम की गुच्छी है जिस को वह खेतों से घर ले आए हैं उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की है कि उनकी भूमि गुच्छी की पैदावार के लिए उपयुक्त है सरकार व संबंधित विभाग को

इस पर शोध कर किसानों को गुच्छी के प्रति जागरूक करना चाहिए ताकि किसानों की आय में भी इजाफा हो।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में पैदा होने वाली गुच्छी को दुनिया की सबसे महंगी सब्जी माना जाता है। खाने में लजीज होने के साथ यह बहुत सी बीमारियों का इलाज है।
गुच्छी में पाए जाने वाले औषधीय गुण दिल की बीमारियों को दूर करते हैं। इसके अलावा ये सब्जी शरीर को कई अन्य प्रकार का पोषण देती है। गुच्छी एक तरह से मल्टी-विटामिन की प्राकृतिक गोली है। यह सब्जी फरवरी से लेकर अप्रैल के बीच मिलती है, जिसे बड़ी-बड़ी कंपनियां और होटल इसे हाथों-हाथ खरीद लेते हैं।
उधर कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के प्रभारी डा सुमन कुमार ने बताया कि गुच्छी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसका औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है। यह स्पंज मशरूम के नाम से देश भर में मशहूर है। यह गुच्छी स्वाद में बेजोड़ और कई औषधियों गुणों से भरपूर हैं। स्थानीय भाषा में इसे छतरी, टटमोर और डुंघरू कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह गुच्छी चंबा, कुल्लू, शिमला, मनाली सहित प्रदेश के कई जिलों के जंगलों में पाई जाती है। आज के दौर में अधिकतर लोग गुच्छी के गुणों से अनजान हैं। इसलिए इसका पूरा फायदा नहीं उठाया जा रहा है। गुच्छी ऊंचे पहाड़ी इलाके के घने जंगलों में कुदरती रूप से पाई जाती है। उन्होंने कहा कि जंगलों के अंधाधुंध कटान के कारण यह अब काफी कम मात्रा में मिलती है। यह सबसे महंगी सब्जी है। इसका सेवन सब्जी के रूप में किया जाता है। हिमाचल से बड़े होटलों में ही इसकी सप्लाई होती है। फिलहाल सरकार व विभाग का गुच्छी पर शोध चल रहा है।