छत्तीसगढ़ रायगढ़ से ब्यूरो चीफ महेंद्र अग्रवाल R9 भारत # तमनार विद्युत विभाग के कर्मचारी से मारपीट का आरोप….. छवि धूमिल की कोशिश कर रहे हैं विद्युत विभाग के कर्मचारी… विनायक पटनायक
रायगढ़ : तमनार थाना क्षेत्र से विद्युत विभाग के कर्मचारी से मारपीट का मामला सामने आया जिसमें भाजयुमो जिला अध्यक्ष विनायक पटनायक व उसके बड़े भाई गुड्डन पटनायक (विश्वास) के ऊपर कर्मचारी के साथ मारपीट का आरोप लगा है प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वास पटनायक भाजयुमो के जिला अध्यक्ष के अलावा तमनार ब्लाक के प्रतिष्ठित व्यापारी भी हैं मामले की पूरी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा विद्युत के बिल को लेकर जैसे ही मेडिकल स्टोर्स पहुंचे और बकाया बिल होने की बात को लेकर बहस करना शुरू कर दिए जिसमें विद्युत विभाग द्वारा इससे पहले कभी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था और ना ही उन्हें कोई सूचना दि गई थी जिसके पश्चात तत्काल विनायक पटनायक के द्वारा ऑनलाइन बिल का भुगतान कर दिया गया! आसपास के प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया कि जो कर्मचारी दुकान पर आए हुए थे वह शराब के नशे में धुत थे और पटनायक भाइयों से बत्तमीजी पूर्वक बातचीत कर रहे थे जिसका विरोध करने के पश्चात मामला बढ़ता गया और विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बेवजह तमनार थाना में छवि खराब करने की नियत से अपराध पंजीबद्ध कराया है जबकि यह घटना के पूर्व ही बिल का भुगतान ऑनलाइन के माध्यम से किया जा चुका था
# घर का बिल था छवि धूमिल करने पहुंच गए दुकान
उक्त मामले में एक बात और सामने निकल कर आ रही है जो बिजली बिल बकाया था वह घर का था वह अन्यत्र दुकान कल्याणी ऑटो पार्ट्स कथा, विद्युत कर्मचारी ना तो घर और ना ही कल्याणी ऑटो पार्ट्स की दुकान गए अपितु प्रतिष्ठित व्यक्ति की छवि धूमिल करने सीधा बस स्टैंड क्योंकि स्थित मेडिकल स्टोर पहुंच गए और वहां की लाइन काटने की बात विद्युत विभाग के कर्मचारि करने लगे #चेक में भुगतान लेने को किया मना
विद्युत विभाग के कर्मचारियों को जब चेक से पेमेंट की जा रही थी उसका विभाग के कर्मचारियों द्वारा चेक से पेमेंट कर लेने को इनकार कर दिया गया वह छवि धूमिल करने के लिए भड़काऊ बात बिहार करते हुए जोर-जोर से लाइन काटने की धमकी देते हुए वह थाना की ओर निकल गए
और एवं कर्मचारी हित के लिए जिन नियम कानूनों को संविधान में लागू किया गया है विद्युत् विभाग के कर्मचारी रमाशंकर पाण्डे ने उन हक अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले में उलझाने का काम किया गया है