नहाय खाए से शुरू हुए आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज चौथे दिन है। खरना पूजा के बाद रविवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को अस्ताचलगामी यानी उगते सूर्य को दूसरे दिन अर्घ्य दिया गया। परिवार व देश की समृद्धि, पुत्र प्राप्ति व मंगल कामना के पर्व छठ पर सायंकाल में उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। वर्तमान सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि वैसे तो बिहार में ही है त्यौहार मनाए जाते थे लेकिन अब देश के लगभग हिस्से में यह त्यौहार मनाए जाते हैं वही उन्होंने कहा कि सहरसा के आसपास के सभी घाटों पर, तालाबों में तो कहीं गड्ढे बनाकर साथ ही साथ कई घरों के छत पर पानी जमा कर उगते सूर्य को दूध व गंगाजल से अर्घ्य दिया गया।शहर के शंकर चौक स्थित पोखर, मत्स्य विभाग स्थित सात पोखर,मतस्यगंधा झील छठ घाट के अलावे दर्जनों घाटों पर रंगीन फूलमालाओ से सजाया गया है।, छठ व्रती व श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। हर गली मोहल्ले में छठ गीत बज रहे थे।, शहर के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शाम होने से पहले ही व्रति तालाबों व घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पूरी श्रद्धा व निष्ठा भाव से पहुंची और लोगों ने अर्घ्य दिया।