भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कुठेड़ा में भाजपा प्रत्यासी त्रलोक जंबाल के पक्ष में कहा कि चुनाव के मौके आते हैं तो लोग भ्रमित करने के लिए बहुत प्रोपेगेंडा रचने की कोशिश करते हैं। मैं जब पहली बार आया था तो लोग बोले थे, ए तो बारला, ए तो आया ही नहीं एथी रा, किती मिलना ऐ, किती टोलना। यहां तक कहा कि इसका तो यहां घर ही नहीं है। बिलासपुर के सदर हलके में चुनावी जनसभाएं करने पहुंचे नड्डा ने अपना दर्द कुछ इस अंदाज में साझा किया। कंदरौर में जनसभा की शुरुआत की और शाम तक कुठेड़ा में पहुंचे।
नड्डा ने कहा कि वह भी दौर देखा है, जब उन पर बाहरी होने का ठप्पा लगा था। मौजूद कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए बोले, आप लोगों ने जनता को समझाया कि यहीं का है जगत प्रकाश नड्डा, यहीं रहेगा यहीं काम करेगा। उसके बाद फिर बात चली कि ए पारला है, वारला चाहिंदा। अब सतलुज भी भारत पाकिस्तान बॉर्डर जैसा बन गया। फिर विरोधी कहने लगे कि गांव च कुण जानदा नड्डे जो, गांव च किती जाना इन्हें, किती चली हुणा इसते, मैंने कहा, एक बार मौका दो तुम सबसे तेज चलूंगा पूरी पहाड़ी नापूंगा। नड्डा बोले, मिट्टी अगर अपना हक अदा नहीं करती तो फल कितने भी लगे हों पौधा सूख जाता है। 12 नवंबर को वह समय आएगा। कोरोना के दो साल बाद 130 करोड़ का देश उन हालातों में भी खड़ा रहा, जब जर्मनी, यूरोप, इंग्लैंड जैसे देश खड़े नहीं हो पा रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दो साल की त्रासदी के बाद देश फिर से अपने पैरों पर खड़ा है। इसी ताकत को बनाए रखें और उस ऋण को जरूर चुकाएं जो प्रधानमंत्री मोदी ने बिलासपुर में विकास की गंगा बहाकर बिलासपुरियों पर चढ़ाया है।
गौरतलब है कि भाजपा ने इस बार मौजूदा विधायक सुभाष ठाकुर का टिकट काटकर नड्डा परिवार के करीबी और सीएम जयराम ठाकुर के राजनीतिक सलाहकार रहे अधिवक्ता त्रिलोक जम्वाल को सदर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। जम्वाल पर बाहरी होने का ठप्पा लगाया जा रहा है। जम्वाल को झंडूता विधानसभा से जोड़ा जाता है। भाजपा के ही सुभाष शर्मा ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की हुंकार भरी है।