दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदलती तस्वीर।
दामजीपुरा/दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक समय अपनी बदहाली पर आंसू बहाया करता था, जिसे देखने वाला कोई नहीं था,यह मरीज तो आते थे अपना उपचार कराने पर उन्हें देखकर यहां लगता था कि इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अच्छा उपचार मिले,पर उनके अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना था कि बाहुल्य आदिवासी क्षेत्र है यहां भीमपुर ब्लॉक में ऐसा अधिकारी होना चाहिए जो इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दशा बदल सके।जिससे क्षैत्र वाशियो को अच्छा उपचार मिले।
बीएमओ के आने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदल दी तस्वीर।

भीमपुर ब्लॉक में जब से बीएमओ डॉक्टर बृजेश यादव ने विभाग की कमान संभाली तब से स्वास्थ सेवा में अच्छा खासा बदलाव आया। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी में भी दहशत का माहौल हो गया जो अब समय पर मुख्यालय में रहकर अच्छी स्वास्थ सेवा ग्रामीणों को दे रहे हैं।
दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में यह सुविधा उपलब्ध।
(1) पहले गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं होती थी
आज_आज होती है जिसमें 8 से 9 जांच होती है जिसमें गंभीर बीमारी एचआईवी, हेपीटाइटिस, सीप्लीस, आरबीएस, शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन आदि की जांच होती है।
(2) पहले भीमपुर से टीकाकरण आता था।
आज= वर्तमान दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से वितरण किया जाता है।
(3)पहले इमरजेंसी सुविधा जैसे साप काटने, कीट नासक पीने,या एक्सीडेंटल कैसे को भीमपुर या
बैतूल खंडवा रेफर किया जाता था।
वर्तमान=साप काटे,कीटनाशक पीने वालो को यह तुरंत उपचार किया जाता है।
(4) पहले = साप काटे,कुत्ते के काटने के इंजेक्शन रखने के लिए यह मशीन नही थी।
वर्तमान= इन सभी के इंजेक्शन रखने के लिए साढ़े पांच लाख का फ्रिजर उपलब्ध है।
(5) पहले= ओपीडी में मरीज की संख्या पर दिन 10 से 20 होती थी।
वर्तमान= आज ओपीडी में मरीजों को संख्या 60 से 70 पर दिन और शनिवार साप्ताहिक बाजार के दिन डेढ़ सौ अधिक ।
(6) पहले ईसीजी, बिपी, एसपीओ, पल्स रेट नही होती थी।
आज =मल्टीपारा मोनिटर की सुविधा होने से ईसीजी, बीपी, एसपीओ की जांच होती है।
(7) पहले चार प्रकार की दवाई रहती थी।
वर्तमान = आज मेडिकल ऑफिसर के होने की वजह से 40 प्रकार की दवाई उपलब्ध है।जिसमे गंभीर निमोनिया बच्चो का उपचार सुचारू रूप से दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हो जाता है।
ग्रामीण सूरजलाल सलामे साहिद खान ने बताया कि मुझे इलाज के लिए बैतूल खंडवा जाना पड़ता था,मुझे पता चला कि यह दामजीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर भी है जब में गया तो जांच कर बताया गया की मुझे शुगर है,वही मेरा सही उपचार किया गया अब मुझे लगता है की खंडवा बैतूल जाने की जरूरत नही है।