राजस्थान में जानलेवा बनती जा रही तेज गर्मी, ब्रेन स्ट्रोक की चपेट में आ रहे लोग, अस्पतालों में वार्ड हुए फुल
रात के बाद सीधे हो रही दोपहर, गायब हुई सुबह की ठंडक, लोगों का हाल हुआ बेहाल
भरतपुर। प्रदेश में लगातार रूप से जारी तेज गर्मी अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है, गर्मी के मौसम में सिर्फ हीट स्ट्रोक ही नहीं ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं इसीलिए धूप में निकलने से पहले आपको सावधान रहने की जरूरत है।

पिछले कुछ दिनों में भरतपुर सहित जयपुर, जोधपुर, कोटा आदि सभी शहरों में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा आ रही है। डॉक्टर्स की मानें तो ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। इसका बड़ा कारण तेज गर्मी और अचानक से बदलता टेंपरेचर है।
प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में ही हर दिन दस से ज्यादा मरीज स्ट्रोक के आ रहे है। जिसकी वजह से वार्ड फुल हो गए है। जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे वैसे स्ट्रोक के मामले बढ़ते जा रहे है। पिछले महीने की तुलना में एसएमएस में ब्रेन स्ट्रोक के केस 30 फीसदी तक बढ़े हैं। लगातार भर्ती हो रहे मरीजों के कारण ब्रेन स्ट्रोक आइसीयू के बेड भी फुल हो गए हैं। सीनियर चिकित्सकों के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण शरीर भी कई बार ओवरहीटिंग हो जाता है। जिसकी वजह से ओवरहीटिंग के सिग्नल देने लगता है। यदि उसे नजरंदाज कर इलाज नहीं करवाया जाए तो मरीज में दिमागी स्थिति बिगड़ने, बोलने में दिक्कत होने, चिड़चिड़ापन, उन्माद में बड़बड़ाने, दौरा पड़ने और कोमा में चले जाने का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ मामलों में मल्टी-ऑर्गन डिस्फंक्शन जैसे बडे़ जोखिम भी हो सकते हैं। दिल, फेफड़ों और किडनी के पुराने रोग से पीड़ित लोग व 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इस मौसम में टहलने या व्यायाम करने से बचना चाहिए।
डॉक्टर्स का कहना है कि बढ़ते तापमान के कारण लोगों को अपना ध्यान रखना चाहिए। अब तापमान इतना बढ़ गया है कि उम्र का कोई मतलब नहीं है। कोई भी व्यक्ति स्ट्रोक का शिकार हो सकता है।।
भरतपुर से हेमंत दुबे