बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
फादर स्टेन स्वामी को श्रद्धांजलि, मानवाधिकारों के लिए उनके संघर्ष को किया याद।
सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी की पुण्यतिथि पर 5 जुलाई रविवार को जारंगडीह स्थित सीटू कार्यालय में वामदलों के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं दो मिनट का मौन रखकर की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि फादर स्टेन स्वामी ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा जल, जंगल, जमीन तथा मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करते हुए समाज के वंचित एवं आदिवासी समुदायों की आवाज बुलंद करने में लगाया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि पार्किंसंस बीमारी से पीड़ित 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में मुंबई के एक अस्पताल में उपचार के दौरान 5 जुलाई 2021 को उनका निधन हो गया। नेताओं ने उनके निधन को लेकर अपनी आपत्तियां और आरोप दोहराते हुए इसे न्याय व्यवस्था एवं मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए और उसे दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कार्यक्रम में माकपा के जिला सचिव भगीरथ शर्मा, भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य भूवनेश्वर केवट, विकास कुमार सिंह, बालेश्वर गोप, बालगोविंद मंडल, मनोज पासवान, चुनीलाल केवट, राज केवट, अशोक मोहली, सुरेश प्रसाद यादव, अख्तर खान, श्याम बिहारी दिनकर, हरिशंकर, राजदेव चौहान, सुरेंद्र घासी, मोहम्मद आलिम, सुधीर चौहान सहित बड़ी संख्या में वामदलों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।