“बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकें

सचिव रेखा यादव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तगावली धौलपुर में ‘‘Transformative Tuesday‘‘ के अंतर्गत विषय “बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकें – बचपन और भविष्य की रक्षा करें” एवं नालसा जागृति योजना 2025 के अंतर्गत सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया साथ ही रालसा वन व बालिका वर्ष 2025, सृजन की सुरक्षा योजना के तहत चिन्हित किए गए गांव तगावली में नवजात बालिकाओं के परिवारीजनों के साथ पौधे रोपित किए।

 


माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के पत्रांक रालसा/2026/8202-8245 दिनांक 01.04.2026 की अनूपालना में सम्पूर्ण राजस्थान राज्य में स्कूली छात्रों के लिए ‘‘Transformative Tuesday‘‘ नामक एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर छात्रों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और “बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकें – बचपन और भविष्य की रक्षा करें” जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। जिसके क्रम में आज दिनांक 12.05.2026 को सचिव रेखा यादव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तगावली धौलपुर में ‘‘Transformative Tuesday‘‘ के अंतर्गत विषय “बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकें – बचपन और भविष्य की रक्षा करें” एवं नालसा जागृति योजना 2025 के अंतर्गत सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया साथ ही ं रालसा वन व बालिका वर्ष 2025, सृजन की सुरक्षा योजना के तहत चिन्हित किए गए गांव तगावली में नवजात बालिकाओं के परिवारीजनों के साथ पौधे रोपित किए।
इस अवसर पर सविव रेखा यादव ने उपस्थित बच्चों को बताया गया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना तथा पीड़ितों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देना है। साथ ही बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति एवं कानूनन दंडनीय अपराध है। बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास प्रभावित होता है तथा उनका भविष्य असुरक्षित हो जाता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। घरेलू हिंसा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं भावनात्मक प्रताड़ना से संरक्षण प्राप्त है। “घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005” के तहत पीड़ित महिला को सुरक्षा, निवास, भरण-पोषण एवं कानूनी सहायता का अधिकार प्राप्त है। साथ ही बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण एवं बाल तस्करी जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध समाज को जागरूक होना आवश्यक है।
साथ ही सचिव रेखा यादव ने बच्चों के लिए सुझाव पेटिका कोर्ट वाली दीदी की जानकारी देते हुए बच्चों को बताया कि इस पेटिका के माध्यम से बच्चे अपनी शिकायत लिखकर शिकायत पेटिका में डाल सकते हैं और इस पेटिका की चाबी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के पास रहती है साथ ही बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नालसा टोल फ्री नं. 15100, पुलिस हेल्प लाइन नं. 100, 112 एवं ं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आदि से संपर्क कर सकते हैं।
साथ ही रेखा यादव ने रालसा वन व बालिका वर्ष 2025, सृजन की सुरक्षा योजना के तहत चिन्हित किए गए गांव तगावली के विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तगावली जिला धौलपुर में 3 नवजात बालिकाओं के परिवारजनों के साथ कुल 33 पौधे रोपित किए साथ ही जन्म लेने वाली प्रत्येक हरित नवजात बालिका के परिवारीजनो को सचिव रेखा यादव द्वारा एक विशिष्ट पहचान पत्र भी दिया गया। जिसमें सचिव रेखा यादव ने परिवारजनों एवं स्थानीय महिला समूहों एवं आगनबांडी कार्यकर्ताओं को बताया कि यह योजना राजस्थान में बालिकाओं और महिलाओं के जीवन और पर्यावरण में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है।
इस मौके पर सचिव रेखा यादव, सरपंच प्रतिनिधि ग्राम तगावली महेश ठाकुर, अध्यापक जगपाल सिंह, एलडीसी रविंद्र सिंह, एएनएम चंद्रकला, आशा सहयोगिनी भगवती देवी, मंजू, साथिन, भारती राजपूत, मुन्नी देवी एवं परिवारीजन पूनम, राधा, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया एवं कनिष्ठ सहायक राजबहादुर आदि उपस्थित रहे।

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