केसरिया में ईद-उल-फितर की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न
असरफ आलम केसरिया(पूर्वी चंपारण)
केसरिया नगर समेत प्रखंड क्षेत्रों में शनिवार को सुबह ईद-उल-फितर की नमाज नेहायत अकिदत व अदब एहतराम के साथ अदा किया गया। वहीं केसरिया ईदगाह में ईद-उल-फितर की नमाज हाजी सिराजुद्दीन सेराजी के पिछे अदा किया गया।इस अवसर पर क़ौमी एकता फ्रंट के अध्यक्ष वशील अहमद खां ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में रमज़ान उल मुबारक महीने के बाद मज़हबी ख़ुशी का पर्व ईद उल फितर मनाया जाता है। इस बार रमजान के पूरे 30 रोजों के इंतजार के बाद ईद का नमाज अदा किया गया है। वहीं उन्होंने बताया कि ईस्लाम के मानने वालों के अनुसार ईद उल फ़ितर इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर के बाकी महीनों की तरह यह भी नए चांद के दिखने पर शुरू होता है। यह पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे का पर्व माना गया है। वहीं पूरानी जामा मस्जिद के ईमाम मौलाना अनिसूर्रहमान चिस्ती ने कहा कि दान है अहम् हिस्सा ईद एक समाजिक उत्सव है और इसे सारा मुस्लिम समाज मिल जुल कर मनाता है। इस दिन मस्जिदों में सुबह की नमाज या नमाज से पहले हर मुसलमान का फ़र्ज़ माना जाता है कि वो दान करे। इस दान को ज़कात उल फ़ितर कहते हैं। बताते हैं कि यह दान कम से कम दो किलोग्राम की कोई भी प्रतिदिन खाने की चीज़ का हो सकता है, जैसे, चावल और सब्जियां आदि या फिर उन दो किलोग्राम के बराबर का मूल्य भी दिया जा सकता है। वहीं ईद पर लोग विभिन्न पकवान बनाते हैं और नए कपड़े भी पहनते हैं। इस अवसर पर सिवैंया विशेष रूप से बनाई जाती हैं। साथ ही अपने मित्र और परिजनों को तोहफे भी दिए जाते हैं। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिंकू पाठक समाजसेवी संजय जयसवाल, आशीष जयसवाल, श्यामबाबू प्रसाद सहित अन्य सामाजिक लोगों ने ईदगाह में शिरकत कर सभी मुस्लिम समाज के लोगों से गले मिले और कौमी एकता का मीशाल कायम किया।इस मौके पर मौलाना अब्दुल गणी,हाजी मोहम्मद हबीब मास्टर, खुर्शीद आलम, मौलाना नेमतुल्लाह, ओबैद रजा, पत्रकार असरफ आलम,शिक्षक रहीमुद्दीन, मोहम्मद कौशर, कलीम हैदर उर्फ पप्पू,जमील अख्तर, मोहम्मद नसरुद्दीन,नूर आलम, मोहम्मद तमन्ना, अरशद रजा खान, अल्ताफ राजा सहित अन्य लोग ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन चैन की दूआ मांगी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के कमान थानाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद सिंह संभाल रखे थे।