बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
उपेक्षा की मार झेल रहा जरंगडीह परियोजना पदाधिकारी आवास, खंडहर में हो रहा तब्दील।
बोकारो जिला क़े जरंगडीह कोलियरी स्थित परियोजना पदाधिकारी का विशाल आवास इन दिनों उपेक्षा और रखरखाव के अभाव का शिकार होकर धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। कभी अधिकारियों की गतिविधियों से गुलजार रहने वाला यह परिसर आज वीरान पड़ा है और उसकी स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है।करीब दो से ढाई पूर्व तक इस आवास में तत्कालीन परियोजना पदाधिकारी परमानन्द गूईन निवास करते थे और यहां नियमित रूप से प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती थीं। उनके स्थानांतरण के बाद विनोद कुमार ने परियोजना पदाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद वर्तमान में प्रवीण सेन गुप्ता बतौर परियोजना पदाधिकारी कार्यरत हैं। हालांकि, इस दौरान उक्त आवास किसी भी अधिकारी के नाम आवंटित नहीं किया गया, जिसके कारण लंबे समय से खाली पड़े रहने के चलते इसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई।स्थानीय लोगों के अनुसार,कभी व्यवस्थित और आकर्षक दिखने वाला यह बंगला अब टूट-फूट, गंदगी और झाड़ियों से घिरता जा रहा है। भवन के आसपास उगी झाड़ियां तथा बंद पड़े कमरों की स्थिति देखकर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि काफी समय से इसकी देखरेख नहीं हुई है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत और संरक्षण का कार्य नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में यह महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। इस संबंध में दूरभाष पर 13 जुलाई सोमवार को वर्तमान परियोजना पदाधिकारी प्रवीण सेन गुप्ता ने बताया कि आवास परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत इस भवन का उपयोग होमगार्ड के बैरक के रूप में किया जाना है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और शीघ्र ही परिसर को व्यवस्थित कर उपयोग में लाया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि भवन का समय पर उपयोग सुनिश्चित कर दिया जाए, तो एक ओर जहां सरकारी संपत्ति सुरक्षित रहेगी, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।