शिवनगर पोड़ीबहार महिला मंडल ने हर्षोल्लास से मनाया सावन झूला उत्सव, लोक संस्कृति और महिला एकता का दिया संदेश

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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शिवनगर पोड़ीबहार महिला मंडल ने हर्षोल्लास से मनाया सावन झूला उत्सव, लोक संस्कृति और महिला एकता का दिया संदेश

कोरबा//पोड़ीबहार के शिवनगर स्थित होटल शुगर काउन में सावन मास के पावन अवसर पर महिला मंडल द्वारा पारंपरिक सावन झूला कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सावन की पारंपरिक लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों एवं आपसी भाईचारे की भावना को जीवंत किया।
सावन के आगमन के साथ ही चारों ओर हरियाली और उत्सव का वातावरण देखने को मिलता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए झूले महिलाओं के आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने बारी-बारी से झूला झूलते हुए सावन की खुशियों का आनंद लिया और एक-दूसरे के साथ हंसी-खुशी के पल साझा किए।
सावन गीतों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक सावन गीतों एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सावन के गीतों की मधुर गूंज और झूले की मस्ती ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से गीत गाते हुए सावन की पारंपरिक यादों को ताजा किया। गीत-संगीत के बीच महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा कार्यक्रम स्थल उल्लास से भर गया।
सावन झूला उत्सव में महिलाओं की सहभागिता ने यह भी दर्शाया कि बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के बावजूद भारतीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक उत्सवों का महत्व आज भी कायम है। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों को आत्मसात करते हुए नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया।
पारंपरिक परिधानों में दिखी सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम में महिलाओं ने विशेष रूप से पारंपरिक परिधानों को प्राथमिकता दी। सजी-धजी महिलाओं की मौजूदगी से आयोजन स्थल पर सावन की हरियाली और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई दी। हरे रंग के परिधानों, पारंपरिक श्रृंगार और सावन के गीतों ने कार्यक्रम की खूबसूरती को और बढ़ा दिया।
इस दौरान महिलाओं ने झूला झूलने के साथ सावन से जुड़े लोकगीत गाए और सामूहिक रूप से उत्सव का आनंद लिया। एक-दूसरे के साथ मेल-जोल बढ़ाते हुए महिलाओं ने आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत किया।
महिला एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश
आयोजकों ने बताया कि सावन झूला कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक उत्सवों को सहेजने का प्रयास किया गया। ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, अपनी भावनाएं साझा करने और सामूहिक रूप से त्योहार मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने महिला एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी ने मिल-जुलकर सावन पर्व की खुशियां मनाईं और समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग एवं भाईचारे का संदेश दिया।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगी लोक संस्कृति
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि सावन झूला जैसे पारंपरिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज की बदलती जीवनशैली में नई पीढ़ी कई लोक परंपराओं से दूर होती जा रही है। ऐसे में सामूहिक रूप से पारंपरिक पर्व और उत्सव मनाने से बच्चों एवं युवाओं को अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलता है।
महिलाओं ने कहा कि सावन झूला केवल झूला झूलने और मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बीच आत्मीयता बढ़ाने, पुराने लोकगीतों और परंपराओं को सहेजने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है। सामूहिक आयोजनों से आपसी सौहार्द बढ़ता है और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है।
उत्साह और उमंग के साथ हुआ समापन
सावन झूला कार्यक्रम पूरे उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इसे सुखद, आनंददायक और यादगार अनुभव बताया। महिलाओं ने भविष्य में भी इसी तरह के सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता जताई, ताकि महिलाओं को एक साथ आने और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता रहे।
कार्यक्रम के दौरान सावन की हरियाली, पारंपरिक गीत, झूले और महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम में उल्लास और आत्मीयता का माहौल बना रहा।
ये महिलाएं रहीं उपस्थित
सावन झूला कार्यक्रम में उत्तरा देवी कुंभकार, हेमलता साहू, अनिता राठौर, अनिता दीवान, राजकुमारी साहू, सुनीता पाटले, अलका गुप्ता, संगीता, सावित्री राठौर, प्रियंका राठौर, कृतिमा सिंह, सरिता राजपूत, कल्पना, शीला श्रीवास, रेशम श्रीवास, ममता राजपूत, उत्तरा राठौर, राजेश्वरी राठौर, कलेश्वरी कंवर, सीता पावले, सेजल देवांगन, कांत तिवारी, मंजू राज, दिव्यानी, त्रिवेणी राठौर, पंच कुंवर महिला मंडल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ संपन्न हुआ यह सावन झूला कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, महिला एकता और सामाजिक सद्भाव का सुंदर संदेश देते हुए यादगार बन गया।

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