महंगाई और बेरोजगारी से मुकाबले की पहल, ‘सहयोग सस्ता बाजार’ संस्था से जुड़कर महिलाएं सीख रहीं सिलाई-कढ़ाई का काम

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
संस्था : सहयोग सस्ता बाजार

महंगाई और बेरोजगारी से मुकाबले की पहल, ‘सहयोग सस्ता बाजार’ संस्था से जुड़कर महिलाएं सीख रहीं सिलाई-कढ़ाई का काम

कोरबा//जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कमरिद कोसमंदा सहित तीन जिलों में संचालित ‘सहयोग सस्ता बाजार’ संस्था द्वारा महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और महंगाई के दौर में आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य महिला समूह की दीदीयों को सिलाई सहित विभिन्न कार्यों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जागरूकता फैलाना तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। संस्था द्वारा महिलाओं को ब्लाउज की सिलाई मात्र 30 रुपये में करने की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा कपड़ा, धागा और अन्य आवश्यक सामग्री भी संस्था की ओर से उपलब्ध कराई जाती है।

‘सहयोग सस्ता बाजार’ संस्था का संचालन तीन जिलों में किया जा रहा है। संस्था से जुड़े कार्य जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम कमरिद कोसमंदा, जिला कोरबा के ग्राम कोथारी और सुखरीखुर्द तथा जिला सक्ती के ग्राम सेंदरी में संचालित किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और महंगाई तथा बेरोजगारी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करना है।

संस्था के माध्यम से महिला समूह की दीदीयों को सिलाई का काम उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष रूप से ब्लाउज की सिलाई मात्र 30 रुपये में की जा रही है। संस्था की ओर से कपड़ा, धागा और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे महिलाओं को काम शुरू करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार एक गांव में अधिकतम 5 लोगों को इस कार्य से जोड़े जाने की व्यवस्था रखी गई है, ताकि उपलब्ध काम का बेहतर तरीके से वितरण हो सके और अधिक से अधिक गांवों में रोजगार की गतिविधियां संचालित की जा सकें।

वर्तमान में संस्था द्वारा करीब 20 से 30 प्रकार के सामान तैयार किए जा रहे हैं। इनमें साया, पेटीकोट, नाइटी, ब्लाउज, स्क्रप, पलाजो, तकिया कवर, मच्छर अगरबत्ती तथा कंबल की चटाई सहित अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है। इन उत्पादों के निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में ही काम करने का अवसर मिल रहा है।

संस्था की ओर से महिलाओं से अपील की गई है कि जो भी महिला सिलाई या अन्य काम करना चाहती है, वह संस्था से जुड़ सकती है। संस्था का उद्देश्य केवल उत्पाद तैयार करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।

इस पहल के संबंध में ग्राम कमरिद, जिला जांजगीर-चांपा निवासी भोला यादव ने बताया कि ‘सहयोग सस्ता बाजार’ संस्था तीन जिलों में कार्य कर रही है। संस्था का प्रमुख उद्देश्य महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में काम करना है। ग्रामीण महिलाओं को काम से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान कला बाई, अर्जुनी बाई, रामसिल्ला बाई केवट, अचला महंत, कैलासी बाई, गेंद बाई, उर्मिला बाई कंवर, रेवती बाई, कमलेश्वरी बाई, भारती कुर्रे, उर्मिला केवट और जानकी बाई सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जनपद प्रतिनिधियों, सरपंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की भी उपस्थिति रही।

ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की यह पहल आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि इस तरह की गतिविधियों का विस्तार अन्य गांवों तक किया जाता है, तो इससे महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिल सकता है।

संस्था से जुड़ने या अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र 6261851950 पर संपर्क किया जा सकता है।

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