दीपावली त्योहार के बाद लगने वाले बाजार मे डंडार(थाटिया बाजार)के आयोजन किए जाते हैं। इस दौरान अहीर नृत्य में लोक संस्कृति के रंग नजर आ रहे हैं। बीते दो सालों से कोरोना काल के चलते त्योहार और आयोजन औपचारिकता बनकर रह गए थे, लेकिन इस साल त्योहारों में चहल पहल और रौनक नजर आ रही है!
थाटिया बाजार में आदिवासी समाज द्वारा परंपरा अनुसार पूजा पाठ की गई, रास्ते भर ढोल नगाड़ों के साथ युवा, महिला, पुरुष सभी ने जोश और उत्साह दिखाया जो शनिवार बाजार आकर्षक का केंद्र बना!
डंडार बाजार की शुरुआत करते हुए रास्ते भर विभिन्न घरों में रुकते हुए पूजा-अर्चना की!
संवाददाता इदरीश विरानी की रिपोर्ट