पूरी भारत कि तरह मेघालय कि डालू जो भारत कि अंतिम सेत्र है वहां स्वधिन्ता दिबश्व् धूम धाम से मनाया गया
यहाँ अधिक अदिबसि समुदाय के साथ साथ अन्य समुदाय के स्कूली बछिया नृत्य, गाना के साथ उत्सभ् को और भी मनोरम दृश्य से मनाया गया यहाँ आसपास के सभी स्कूल छात्र छात्राएं, उनके माता पिता, स्कूल के अध्यापक, सेत्र्य नेतव् एबं BDO ( Block developement Officer)श्री उत्तन् तमो स्नग्म प्रधान अथिति के रूप में मौजूद रहे उन्के द्वारा मन्छ् से र्सेत्रिय भाई चारा , बिकाश, पराई में उन्नति जाती भेद, साभि को स्वहर्ध् से रहने का पय्गम् दिया गया