कॉमरेड महेंद्र सिंह का मनाया गया शहादत दिवस।
गढ़वा। डंडा। कॉमरेड महेंद्र सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर भाकपा माले जिला कमिटी के नेतृत्व में गढ़वा, सगमा , धुरकी, डंडई, भवनाथपुर, नगर, बिकेंद्रित रूप से 18वी शहादत दिवस मनाई गई । गढ़वा में सुषमा मेहता , जितेंद्र कुमार, अख्तर अंसारी, सतेंद्र मेहता,। संजय चंद्रवंशी , राहुल जायसवाल, पूनम कुमारी , अनीता तिवारी , आरती कुमारी के नेतृत्व में, डंडा जिला सचिव कॉमरेड कालीचरण मेहता, बीरेंद्र चौधरी, सूर्यदेव चौधरी, हीरा चौधरी, सुरेश चौधरी, कुंदन मेहता, नंदन मेहता , संतोष चौधरी, संगीता देवी, संजना मेहता , शालिनी मेहता, आरती चौधरी, नीतू कुमारी के नेतृत्व में , सगमा प्रखंड के दुसैया में रामचंद्र उरांव , सदानंद यादव , दुखी राम, वृझन भुइयां, भोला यादव के नेतृत्व
धुरकी में किशोर कुमार, कामेश्वर सिंह, राजेंद्र राम, रामसरन सिंह, जितेंद्र तुरिया, के नेतृत्व में, डंडई में लालमुनि गुप्ता, ऐपवा की रिंकी देवी, सविता देवी , जवाहिर साव, मनोज ठाकुर, उमेश यादव, पप्पू गुप्ता, जसीमुदीन अंसारी, उमेश बियार, कामेश्वर यादव , रामवतार सिंह खरवार, इंदु देवी, ममता देवी, रविकांत विश्वकर्मा, भवनाथपुर में वरुण बिहारी यादव,कपिल देव राउत, बसिस्ट यादव,गोपी सिंह,गिरधारी सिंह,सविता देवी तथा नगर उतरीमें कमेशवर विश्वकर्मा,राजू विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह, कृष्णा पहाड़िया,सोबरन अगरिया,बुधन सिंह, शिवशंकर चौधरी,कृष्णा चौधरी के नेतृत्व में विबिन जगहों पर संकल्प सभा आयोजित कर याद किए गए भाकपा माले के पूर्व विधायक झारखण्ड के जन-जन के नेता शहिद कॉमरेड महेंद्र सिंह याद किए गए,सभी जगहों पर उनके तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई , इस मौके पर माले नेताओं ने कहा कि काश आज महेंद्र सिंह जी होते तो देश और समाज में जो फासीवादी हमले, हिंसा और नफरत , मोदी सरकार के नेतृत्व में फैलाई जा रही है , बेरोजगार युवाओं को दिलों -दिमाग में नफरत की बीज जो बोई जा रही है , इस कदर इंसानों को बाटा जा रहा है इसके खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ते नजर आते । आज देश में बेरोजगारों का लम्बी फौज खड़ा है रोजगार का सृजन सरकार नहीं कर पा रही है , स्कूल कॉलेज बंद पड़े है देश की सरकारी संस्थाएं कॉरपोरेट के हाथों बेची जा रही है, महंगाई चरम सीमा पर है , महिलाएं असुरक्षित है सभी तबकों पर सत्ता संरक्षित हमले जारी है । कॉमरेड महेंद्र सिंह की 18वि शहादत दिवस व 17वि बर्शी पर हम तमाम लोगों को संकल्प लेना चाहिए की दलित आदिवासी छात्र नौजवान किसान मजदूर के हिफाजत के लिए तथा संविधान लोकतंत्र की रक्षा में गांव-गांव में जा कर लोगों को संगठित करने की कार्यभार के रूप में लेना चाहिए। जिस कदर लड़ कर झारखंड लिए है लड़ कर रोजगार भी लेंगे , इस मौके पर सभी जगहों पर काफ़ी संख्या मे माले कार्यकर्ता महिला पुरष छात्र नौजवान उपस्थित थे ।