वाल्मीकि भाईचारे से संबंधित अब जत्थे बंदियों ने दशहरे का त्यौहार बलिदान के रूप में मनाया

रावण के बलिदान दिवस वजो मनाया दशहरे का त्यौहार

चौक में की रावण की पूजा

श्री मुक्तसर साहिब मैं वाल्मीकि भाईचारे से संबंधित अब जत्थे बंदियों ने दशहरे का त्यौहार बलिदान के रूप में मनाया

वाल्मीकि भाईचारे ने वाल्मीकि चौक में रावण की पूजा वी की इस मौके पर एकत्र हुए वाल्मिक भाईचारे के जगते बंदी के नेतागण ने कहा कि रावण एक महा विद्वान थे उनकी सवी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है उन्होंने कहा कि बेशक रावण का पुतला हर साल दहन किया जा रहा है परलोक उनके पुतलों की लकड़ियां अपने घर में रख लेते हैं जिन्हें रावण की हड्डियां कहा जाता है और लोग कहते हैं कि यह अपने घर में रखने से खुशियां आती है और उम्र बढ़ जाती है नेतागण ने कहा कि जिस सक्स के पुतले कि लकड़ियां लाने से खुशियों की आशा की जाती है वह कितना महान राजा होगा उन्होंने कहा कि रावण को चार वेदों का ज्ञान था इस मौके पर वाल्मिक भाईचारा बड़ी गिनती में एकत्रित हुआ

श्री मुक्तसर साहिब से बूटा सिंह की रिपोर्ट

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