चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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उरगा क्षेत्र में झूठे केस में फंसाने का आरोप, मजदूर पति जेल में… परिवार पर संकट
बहाने से बुलाया, शराब पिलाई और फंसा दिया? बड़ा आरोप, पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

उरगा//कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिलकेजा से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति को पुरानी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजे जाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है तथा प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम तिलकेजा निवासी 35 वर्षीय कचरा बाई कुर्रे ने बताया कि उनके पति रविंद्र कुर्रे पेशे से मिस्त्री हैं और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर थी।
महिला के अनुसार, 19 मार्च 2026 को दोपहर के समय उनके पड़ोसी रामचरण खरे उनके घर पहुंचे और उनके पति को अपने ससुराल आमापाली चलने के लिए कहा। इसके बाद वे दोनों मोटरसाइकिल से साथ गए। आरोप है कि वहां पहुंचकर रामचरण खरे ने रविंद्र कुर्रे को शराब पिलाई और दोनों आमापाली की ओर निकल गए।
पीड़िता का कहना है कि अत्यधिक नशे की हालत में रामचरण खरे पुलिया के पास ही सो गया, जबकि उनके पति रात लगभग 10 बजे अपने घर वापस लौट आए थे।
आरोपों ने लिया गंभीर रूप
महिला का आरोप है कि इसके बाद रामचरण खरे के परिजन—गौतम खरे और सहोद्रा खरे—उनके घर पहुंचे और गाली-गलौच करते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने यह आरोप लगाया कि रविंद्र कुर्रे ने रामचरण खरे को पुलिया से धक्का दिया है।
हालांकि, पीड़िता ने इस आरोप को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि यह सब पुरानी रंजिश के चलते रचा गया षड्यंत्र है।
मारपीट और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उनके परिवार के साथ मारपीट की गई। इसके साथ ही थाना उरगा में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने रविंद्र कुर्रे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
महिला का कहना है कि जब वह अपनी शिकायत दर्ज कराने थाना पहुंची, तो उसकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया, जिससे उसे न्याय मिलने की उम्मीद कम होती नजर आ रही है।
पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है