बरसात के मौसम शव को जलाने के लिए तरस रहे ग्रामीण, ,बरसात होते समय खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए होना पड़ रहा है मजबूर , कई बार बुझी चिता, तिरपाल तानकर नीचे दिखे लोग,
नगर पालिका ने श्मशान निर्माण के नाम पर अपनी आंख कान किए बंद,

राजाखेडा। राजाखेड़ा नगरपालिका क्षेत्र के गांव अंबरपुर वार्ड नंबर 2,3, 4 में 66 विश्वा जमीन श्मशान घाट के नाम राजस्व रिकॉर्ड में अंकित है जिसकी तार बंदी ग्रामीणों की सहायता से करायी गई। तथा पूर्व में सन 2011 ,2012में नि वर्तमान अध्यक्ष रमेश चंद सोनी के द्वारा 14 -15 साल पूर्व कुछ तीन सेट डलवाकर के श्मशान घाट की व्यवस्था की गई थी इसके बाद आज तक नगर पालिका ने श्मशान घाट की तरफ कोई ध्यान अपना आकर्षित नहीं किया एक तरफ तो राजस्थान सरकार बड़े-बड़े वादे करती है दूसरी तरफ मृत शवो के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट में टीन सेट उपलब्ध नहीं करा सकी। श्मसान घाट की टीन सेट को लेकर आमजन में भारी आक्रोश है। बर्षा के समय लोगों के मरने के बाद भी उन्हें अंतिम अग्नि के लिए तड़पना पड़ रहा है। श्मशान घाट की चारदीवारी निर्माण करा कर और उसमें टीन सेट डलवाए जिसके कारण मृत शरीर का नियमानुसार विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जा सके दिनांक 4 अगस्त 2022 को रात्रि से ही मंगलवार सुबह से बारिश का दौर जारी था और गांव में एक महिला की मौत हो गई जिसके बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया जहां बारिश ने अंतिम संस्कार भी ठीक तरीके से न होने दिया जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में श्मशान घाट की भूमि है जिस पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है जिम्मेदार इससे बेखबर बने बैठे हैं इसके साथ ही प्रशासन द्वारा यहां कोई प्राथमिक व्यवस्थाओं को आगे नहीं बढ़ाया गया है शमशान की भूमि पर टीन शेड होना चाहिए लेकिन वहां बारिश में लोगों को खुद के इंतजाम करने पड़ते हैं जिसकी वजह से भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा क्या राजाखेड़ा नगर पालिका के प्रशासनिक अधिकारी अंबरपुर श्मशान घाट पर टीन सेट की व्यवस्था करने में सक्षम रहेंगे या इसी प्रकार नजरअंदाज करते रहेंगे। ब्यूरो चीफ धौलपुर