सचिव रेखा यादव एवं संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा संयुक्त रूप से सागरपाड़ा चौकी, धौलपुर पर लग्जरी/स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया निरीक्षण दौरान बसों में पाई गई कमियों को दुरुस्त करने के दिए निर्देश

अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर के मार्गदर्शन में एवं मोटर वाहन अधिनियम 1988, AIS-119 (Rev.1): 2016 एवं राज्य सरकार द्वारा जारी SOP 2024 के दिशा-निर्देशों के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में ं एवं राज्यव्यापी विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत दिनांक 04.08.2026 को सचिव रेखा यादव एवं संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा संयुक्त रूप से सागरपाड़ा चौकी, धौलपुर पर लग्जरी/स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया
संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण दौरान स्लीपर/लग्जरी बसों की यांत्रिक स्थिति एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदुओं का निरीक्षण किया गया जैसे वाहन की कुल लंबाई, चौड़ाई एवं ऊंचाई का सत्यापन, पंजीयन प्रमाण-पत्र, परमिट एवं वाहन पर अंकित विवरणों का मिलान, चेसिस नंबर एवं मॉडल विवरण की जांच वाहन के पिछले हिस्से में अनधिकृत बढ़ोतरी अथवा संरचनात्मक परिवर्तन की जांच, चेसिस में काट-छांट, चौड़ाई, वेल्डिंग अथवा अन्य परिवर्तन का परीक्षण,, बोल्ट एवं मजबूती संबंधी सुरक्षा मानकों का परीक्षण, टायरों में अत्यधिक घिसाव एवं लगेज स्पेस की स्थिति की जांच, बसों में आपातकालीन निकासों की संख्या, सीट क्षमता, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं AIS-119 मानकों के अनुरूपता का परीक्षण, आदि बिंदुओं पर निरीक्षण किए गए।
निरीक्षण के दौरान अनेक बसों में यात्री सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां पाई गईं। कई बसों में निर्धारित मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे अथवा वे अनुपयोगी अवस्था में पाए गए। अधिकांश बसों के आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Gate) आकार में छोटे पाए गए, जिससे दुर्घटना अथवा आग लगने जैसी आपात स्थिति में यात्रियों की शीघ्र निकासी में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है। कई बसों में आपातकालीन द्वारों पर स्पष्ट, बड़े अक्षरों में एवं प्रकाशमान संकेतक अंकित नहीं थे, जिससे आपातकालीन निकास की पहचान करना कठिन पाया गया।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कुछ बसों में यात्रियों के चढ़ने एवं उतरने हेतु अनुचित एवं असुरक्षित सीढ़ियों का उपयोग किया जा रहा था, जो वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए जोखिमपूर्ण है। कई बसों के मुख्य प्रवेश द्वार अत्यधिक संकरे पाए गए, जिससे अधिक भीड़ की स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त अनेक बसों के परिवहन संबंधी अभिलेख एवं वैध कागजात अपूर्ण अथवा अनुपलब्ध पाए गए, जिनमें पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक अभिलेख शामिल हैं। कई बसों में प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध नहीं थी, जबकि दुर्घटना अथवा आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में इसकी उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अनेक वाहनों में रिफ्लेक्टर, परावर्तक टेप एवं अन्य दृश्य सुरक्षा चिन्ह स्थापित नहीं थे, जिससे विशेष रूप से रात्रिकालीन संचालन में दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
उपरोक्त कमियों को यात्री सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए समस्त वाहन स्वामियों एवं बस संचालकों को निर्देशित किया कि वे तत्काल सभी सुरक्षा उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित करें, अग्निशमन यंत्रों की वैधता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करें, आपातकालीन निकास द्वारों को मानक आकार में व्यवस्थित करें तथा उन पर स्पष्ट एवं दृष्टिगोचर संकेतक अंकित कराएं। साथ ही सुरक्षित सीढ़ियों की व्यवस्था करें, प्रवेश द्वारों को मानकानुसार सुगम बनाएं, प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध रखें तथा सभी वैध अभिलेख अद्यतन एवं पूर्ण अवस्था में वाहन में रखें।
साथ ही सचिव रेखा यादव ने जिला परिवहन अधिकारी, धौलपुर को निरीक्षण दौरान जिन बसो में गंभीर अनियमितताएं अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाए उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, के तहत चालान करवाए एवं निर्देशित किया कि भविष्य में बसों के नियमित निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की सतत निगरानी तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण कार्यवाही में सचिव रेखा यादव, शैला फौजदार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, धौलपुर, गौरव यादव जिला परिवहन अधिकारी, धौलपुर, दीपक शर्मा परिवहन निरीक्षक, महेश चंद एसआई (यातायात), मुकेश सिकरवार एसआई, स्टेनो राहुल डंडौतिया, कनिष्ठ सहायक संदीप एवं पुलिस थाना कोतवाली की टीम उपस्थित रहे। ब्यूरो चीफ धौलपुर