बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
तेनुघाट महाविद्यालय में विश्व आदिवासी दिवस संपन्न।
बोकारो जिला के तेनुघाट महाविद्यालय में सोमवार को विश्व आदिवासी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने की, जबकि आयोजन एनएसएस पदाधिकारी प्रोफेसर रावण मांझी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर विशेष चर्चा हुई। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने कहा कि आदिवासी समाज की रीति-रिवाज, भाषा और संस्कृति हमारी धरोहर हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक युग में आदिवासियों की परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं। इन्हें बचाकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एनएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रावण मांझी ने युवाओं से आह्वान किया कि आदिवासी समाज की युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति, धर्म और जल-जंगल-जमीन की विरासत को बचाने के लिए आगे आना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विरासत को बचाने के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाना भी जरूरी है। तभी हम अपनी पहचान और भाषा को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रख पाएंगे। कार्यक्रम में प्रो. श्रीकांत प्रसाद, प्रो. महावीर यादव, प्रो. प्रेमसागर प्रसाद, प्रो. धनंजय रविदास, प्रो. कालीचरण महतो, प्रमोद कुमार ठाकुर, विनय कुमार यादव, प्रेम कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।