`राजाखेड़ा में विकास के दावों की पोल खुल रही: हर वार्ड व हर गांव में सड़क, नाली, जलभराव से जनता परेशान, करोड़ों का बजट गया कहां? `
राजाखेड़ा। नगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के बड़े-बड़े दावे कागजों तक ही सीमित हैं। धरातल पर शहर के हर वार्ड और गांवों में समस्याओं का अंबार लगा है।
शहर के वार्डों में सड़कों में गड्ढे, नालियां जाम, जगह-जगह जलभराव, टूटी हुई लाइटें और चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते कीचड़ में तब्दील हैं। थोड़ी सी बारिश में गलियां तालाब बन जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल समस्या के समाधान के नाम पर बजट पेश किया जाता है, मोटी रकम खर्च दिखाई जाती है, लेकिन जमीन पर विकास कहीं नजर नहीं आता।
जनता पूछ रही है –
– नाली-सड़क निर्माण का बजट कहां गया?
– जल निकासी के लिए आया पैसा कहां लगा?
– चिकित्सा और सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों का हिसाब क्या है?
बारिश के मौसम में हालत और भी खराब हो जाती है। गंदा पानी घरों में घुस रहा है, बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीण रास्तों के लिए सालों से मांग कर रहे हैं।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार कौन है और विकास का पैसा जा कहां रहा है? नगरपालिका चुनाव सिर पर है, जनता इस बार हिसाब मांगेगी। ब्यूरो चीफ धौलपुर