चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) प्रशिक्षण का अंतिम चरण 1 अगस्त को, सहभागी विकास योजना से सशक्त होंगी ग्राम पंचायतें

करतला//ग्रामीण विकास को नई दिशा देने, ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत करतला में 20 जुलाई 2026 से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित होगा। अंतिम दिवस पर शेष बचे प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं कर्मचारी इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से लाभान्वित हो सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में सहभागी योजना निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत करना, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करना तथा योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों की क्षमता का विकास करना है। इसमें सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक , मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं संबंधित अधिकारी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें ग्राम सभा का प्रभावी आयोजन, गांव की वास्तविक जरूरतों का सर्वेक्षण, प्राथमिकताओं का निर्धारण, ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के समन्वय के माध्यम से समग्र विकास योजना तैयार करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
प्रतिभागियों को ई-ग्राम स्वराज (e-GramSwaraj) पोर्टल पर योजनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि, कार्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन, 60:40 अनुपात में टाइड एवं अनटाइड फंड के उपयोग तथा विकास कार्यों की ऑनलाइन एंट्री का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों ने बताया कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यों की नियमित निगरानी संभव होगी तथा वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री वैभव कौशिक के नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रशिक्षण को सफल बनाने में डीईओ श्री यशवंत बघेल, एडीईओ श्री आलोक गुप्ता, श्री भुवन मानिकपुरी (प्रभारी), श्री जनपद राठिया, श्री उदय कंवर, श्री दादू सिंह पैकरा, एडीईओ श्री राजेंद्र कंवर, एडीईओ श्री राजकुमार, एनआरएलएम के श्री सुरेश निर्मलकर तथा ऑपरेटर तरुण, विशाल एवं सुशील सहित जनपद पंचायत के सभी अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत विकास योजना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि गांव के समग्र विकास की आधारशिला है। ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की गई योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित होती हैं, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, जनसहभागिता तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास को गति मिलेगी।
प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कर्मियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें योजना निर्माण, ऑनलाइन कार्य प्रणाली एवं वित्तीय प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनका उपयोग वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
जनपद पंचायत प्रशासन ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के क्षमता विकास के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण विकास योजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संचालित किए जा सकें।
प्रशासन ने सभी शेष प्रतिभागियों से अपील की है कि वे 1 अगस्त 2026 को आयोजित प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर प्रशिक्षण पूर्ण करें, जिससे ग्राम पंचायत विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका और अधिक सशक्त हो सके।