कनकेश्वर धाम कनकी में तृतीय सोमवार को उमड़ा भक्तों का जन सैलाब

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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कनकेश्वर धाम कनकी में तृतीय सोमवार को उमड़ा भक्तों का जन सैलाब

बारिश के बीच भी शिवभक्ति में लीन रहे हजारों श्रद्धालु

कोरबा सावन माह के तृतीय सोमवार पर कोरबा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कनकेश्वर महादेव कनकी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही दूर-दराज के गांवों और शहरों से शिवभक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। बारिश होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर सुबह 4 बजे से ही पैदल यात्रियों का तांता लग गया। “बोल बम, हर हर महादेव, ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कई भक्त समूहों में ढोल-नगाड़े के साथ नाचते-गाते मंदिर पहुंचे। महिलाओं ने सिर पर कलश और हाथों में नारियल, जल,बेलपत्र व फूल लेकर बाबा का जलाभिषेक किया।

तृतीय सोमवार को लगभग हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर को फूलों, झालरों और रंगीन लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था। गर्भगृह में शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया गया।बेलपत्र, माला, गेंदा और गुलाब के फूलों से सजे शिवलिंग के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो गए।

प्रशासन और पुलिस ने भीड़ को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए थे। यातायात व्यवस्था, पेयजल, प्राथमिक उपचार और सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था किए गए थे। स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भक्तों को प्रसाद और पानी वितरित किया गया।

मंदिर परिसर के आसपास सावन मेले का स्वरूप दिखा। प्रसाद, रुद्राक्ष, चूड़ियां, खिलौने और पूजन सामग्री की अस्थाई दुकानें सजी थीं। बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ दुकानों पर देखी गई।

स्थानीय लोगों का मानना है कि कनकेश्वर धाम की मान्यता बहुत प्राचीन है। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है। इसी आस्था के कारण हर सोमवार यहां भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन सावन में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि सुबह से शाम तक लगातार रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का दौर चला। देर शाम तक भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहा।

ग्रामवासियों ने प्रशासन और युवा संगठन सेवा समिति के सहयोग की सराहना की। भक्तों ने भी शांतिपूर्वक दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया और अपने घरों को लौटे।

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